भिवंडी | स्व. इंदिरा गांधी उप जिला अस्पताल में जल्द शुरू किया जाएगा डिप्लोमॅट ऑफ नॅशनल बोर्ड कोर्सेस

by | Jan 14, 2021 | ठाणे, महाराष्ट्र

संजय दुबे | हेडलाइंस18
 भिवंडी के स्व. इंदिरा गांधी उप जिला अस्पताल में व्याप्त असुविधाओं को गंभीरतापूर्वक संज्ञान मेें लेते हुए जनप्रतिनिधि से लेकर सामाजिक संगठनों में भागदौड़ शुरू कर दिया है ।वहीं  विधायक रईस शेख की मांग पर स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में मंत्रालय में एक बैठक आयोजित हुई ।जिसमें मनपा आयुक्त डॉ. पंकज आशिया सहित स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारी शामिल थे।इस बैठक एमपीजे एवं भिवंडी जिला कांग्रेस कमेटी का शिष्टमंडल भी शामिल था। गुरूवार को ही भिवंडी एआईएमआईएम के कार्याध्यक्ष शादाब उस्मानी के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने उपविभागीय अधिकारी को एक ज्ञापन देकर चेतावनी दिया है कि यदि 10 दिनों के अंदर स्त्रीरोग विशेषज्ञ नहीं भेजा गया तो तीव्र आंदोलन किया जाएगा। एमपीजे के अध्यक्ष डॉ. इंतखाब शेख के नेतृत्व में जाने वाले शिष्टमंडल ने एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक  अब्दुल रशीद ताहिर मोमिन के नेतृत्व में  जाने वाले शिष्टमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन देकर आईजीएम उप जिला अस्पताल की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया ।
   उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा आईजीएम अस्पताल को सिविल अस्पताल का दर्जा दिए जाने के लगभग 10 वर्ष बाद भी मरीजों को सिविल अस्पताल की सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। जिसके कारण शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को भारी परेशानियों  का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की अव्यस्थाओं को लेकर पत्र व्यवहार करने के बाद भी अस्पताल की विभिन्न समस्याओं के बारे में कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा था। जिसको लेकर विधायक रईस शेख की मांग पर स्वास्थ्य मंत्री ने मंत्रालय में संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की एक संयुक्त बैठक बुलाई थी ।इस बैठक में आईजीएम अस्पताल में जल्द ही डिप्लोमैट ऑफ़ नेशनल बोर्ड कोर्सेस शुरू करने का निर्णय लिया गया है , जिससे अस्पताल में विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हो जाएंगे। विधायक रईस शेख ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के तीनों स्त्रीरोग विशेषज्ञ के अचानक जाने के मामले में जांच करके संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का आदेश दिया है।    
     अस्पताल में पिछले तीन महीने से स्त्रीरोग विशेषज्ञ एवं प्रसूति विशेषज्ञ न होने के कारण प्रसूति विभाग की गर्भवती महिलाओं सहित अन्य सामान्य महिलाओं एवं बच्चों के उपचार के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । स्त्रीरोग विशेषज्ञ न होने के कारण गर्भवती महिलाओं को सिजेरियन के लिए जहां मजबूर होकर दूसरे अस्पतालों में जाना पड़ता था, वहीं कई गर्भवती महिलाओं को समय से उचित उपचार न मिलने के कारण उनकी मौत भी हो गई है। जिसके लिए अस्पताल में तीन स्त्रीरोग एवं प्रसूति विशेषज्ञ तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिया गया हैव।विधायक रईस शेख ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आईजीएम अस्पताल में तीन स्त्रीरोग एवं प्रसूति विशेषज्ञ तत्काल नहीं भेजा गया तो स्वास्थ्य विभाग की उपसंचालक एवं ठाणे सिविल सर्जन के विरुद्ध कार्रवाई करने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा अस्पताल में अन्य चिकित्साधिरियों एवं रेडियोलॉजिस्ट सहित सभी मंजूर रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरने का आदेश स्वास्थ्य मंत्री ने दिया है ।इसी प्रकार अस्पताल में सभी उपकरण काम करने की स्थिति में होने चाहिए, नागरिकों की सुविधा के लिए आवश्यकतानुसार उसकी आपूर्ति सरकार द्वारा की जाएगी ।आईजीएम अस्पताल को नॉन कोविड अस्पताल के लिए निर्देश दिया गया है।स्वास्थ्य मंत्री की इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव, आयुक्त एवं सहायक संचालक एवं भिवंडी मनपा आयुक्त के साथ अन्य संबंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  
  इसी प्रकार एमपीजे के अध्यक्ष डॉ. इंतखाब शेख ने बताया कि 100 बेड वाले आईजीएम को 200 बेड का अस्पताल बनाने के साथ ही तीन स्त्रीरोग विशेषज्ञ एवं टीएनबी कोर्सेस शुरू करने का भी आश्वासन स्वास्थ्य मंत्री ने दिया है।         

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