बड़ी मछलियों पर क्यों नहीं कार्रवाई

by | Aug 31, 2020 | ठाणे

ठाणे: पिछले साल 70 अस्पतालों को नोटिस लेकिन अब तक नहीं कोई कार्रवाई

धर्मेंद्र उपाध्याय

ठाणे।फायर एनओसी और जैव-चिकित्सा अपशिष्ट सुविधाओं की कमी के कारण ठाणे मनपा (टीएमसी) ने हाल में ही कलवा के तीन अस्पतालों को सील कर दिया है। लेकिन ठाणे मनपा की सीमा कई ऐसे अस्पताल है जोकि नियमों को ताक पर रखकर संचालन कर रहे और मरीजों की जान को जोखिम में डाले हुए है. लेकिन ऐसे बड़ी मछलियों पर मनपा प्रशासन की तरफ से कार्रवाई होता नजर नही आ रहा है। इतना ही नही कई अस्पताल ऐसे भी जिनका पॉलिटिकल कनेक्शन भी है और राज नेताओं के दबाव के कारण संवधित विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही है। गौरतलब है कि 12 अगस्त की रात को ठाणे के वाघबिल इलाके में मौजूद दिशा अस्पताल में आग लग गई। धुएं के गुबार ने अस्पताल में कोविद के रोगियों को बारिश में जाने के लिए मजबूर कर दिया था। सौभाग्य से इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था, लेकिन इस अस्पताल और शहर के अन्य अस्पतालों में आग से सुरक्षा का मुद्दा फिर से सामने आ खड़ा हुआ था। दरअसल, पिछले वर्ष उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर होने के बाद, अदालत ने ठाणे मनपा को फायर एनओसी के बिना लगभग 70 अस्पतालों को बंद करने का आदेश दिया था। मनपा प्रशासन ने एक बाद के सर्वेक्षण में अन्य 50 अस्पतालों को दोषी पाया गया था जिसमें से केवल 15 अस्पतालों को ही सील किया गया था। अस्पतालों द्वारा द्वारा मनपा को जानकारी दी गई थी कि सभी अस्पतालों ने फायर ब्रिगेड से अग्नि सुरक्षा की सारी जिम्मेदारी लेते हुए अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया है।सूत्रों की माने तो मनपा अधिकारियों की मिलीभगत के कारण सभी अस्पताल बिना फायर एनओसी के काम कर रहे है। आरटीआई के तहत मिली जानकारी के आधार पर, निजी अस्पतालों, फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के बिना नर्सिंग होम चलाने का मामला 2019 में जनहित याचिका के माध्यम से सामने आया था.
■ याचिका जनवरी में दायर की गई थी, उस समय ठाणे के 452 अस्पतालों और नर्सिंग होम में से 405 के पास अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र नहीं थे।

■ ठाणे मनपा के स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में यह भी पता चला है कि 50 प्रतिशत से अधिक निजी अस्पताल-नर्सिंग होम बिना प्रमाण पत्र के चल रहे हैं।

■ मनपा की ओर से अधिवक्ता अरविंद असवानी द्वारा दिए गए हलफनामे के अनुसार, मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने 375 अस्पताल-नर्सिंग होम के पंजीकरण का नवीनीकरण किया था

■ जिसमें से केवल 181 अस्पतालों को ही अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र मिला। 70 निजी अस्पताल-नर्सिंग होम इस प्रमाण पत्र के बिना काम कर रहे थे।

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