जौनपुर की सौम्या ने महाराष्ट्र के कालेज में टॉप 10 में बनाई जगह,माता-पिता,गुरुजनों व भाइयों को दिया सफलता का सारा श्रेय

by | Oct 31, 2020 | उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मुंबई

जौनपुर : शाम सूरज को ढलना सिखाती है,शमा परवाने को जलना सिखाती है,गिरने वाले को होती तो है तकलीफ,पर ठोकर ही इंसान को चलना सिखाती है। उक्त बातें सिकरारा विकास खण्ड के शेरवा बाजार के जायसवाल परिवार पर बिल्कुल सटीक बैठती है। उक्त बाजार निवासी रमेश चंद्र जायसवाल की बेटी सौम्या जायसवाल ने आखिरकार परिवार का मस्तक गर्व से एक बार फिर ऊंचा कर दिया। माता स्व. किरन जायसवाल के सपने को पूरा करने के लिए बेटी सौम्या वह करने निकल चुकी है जो शायद परिवार में कभी किसी ने नहीं किया है। मध्यम परिवार से ताल्लुक रखने वाली सौम्या ने महाराष्ट्र प्रदेश के सेण्ट जॉन इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एण्ड रिसर्च से बीफार्मा अंतिम वर्ष की परीक्षा न सिर्फ अच्छे अंक से उत्तीर्ण किया, बल्कि टॉप 10 में भी जगह बना ली। सौम्या को 10 में से 9.23 अंक प्राप्त हुये हैं जो टॉपर की श्रेणी में आता है। गौरतलब हो कि रोजी-रोटी के लिए मां-बाप लगभग 20 वर्ष से मुम्बई में रह रहे हैं। वहीं पर सौम्या की पढ़ाई चल रही है। इसी बीच वर्ष 2019 में सौम्या की मां किरन जायसवाल कैंसर जैसी गम्भीर बीमारी से पीड़ित हो गयी। हालांकि उन्होंने अपनी बेटी को मेडिकल फील्ड में मुकाम बनाने का सपना देखा और उसका बीफार्मा में प्रवेश महाराष्ट्र प्रदेश के सेण्ट जॉन इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एण्ड रिसर्च में करा दिया। बचपन से ही मेधावी रही सौम्या ने प्रथम वर्ष अच्छे अंक से उत्तीर्ण किया। मां की तबियत खराब होने से थोड़ी उदास जरूर हुई लेकिन हिम्मत नहीं छोड़ा। एक तरफ मां का इलाज चल रहा था तो दूसरी तरफ सौम्या घर संभालने के साथ ही पढ़ाई भी कर रही थी। लॉक डाउन के दौरान मां की तबियत बिगड़ गयी जो महाराष्ट्र से अपने गाँव आ गईं। जौनपुर शहर में ही उनका मायका है जहाँ पर वह रहने लगीं। कुछ दिन बीतने के बाद सौम्या की मां ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। इस दौरान सौम्या मां के साथ नहीं थी जो मुम्बई में ही रहकर पढ़ाई कर रही थी। जब वह घर आयी तो बहुत रोयी लेकिन फिर भी मां से किया वादा नहीं भूली। इस दौरान वह आनलाइन एग्जाम देती रही। नतीजा आज सबके सामने है। वह न सिर्फ 9.23 (10) अच्छे अंक अर्जित की, बल्कि कालेज में टॉप 10 में जगह भी बना ली। इस बाबत पूछे जाने पर सौम्या ने इस सफलता का सारा श्रेय अपनी माता किरन जायसवाल, पिता रमेश चन्द्र जायसवाल सहित गुरुजनों एवं भाइयों को दिया। उसने यह भी बताया कि आगे की पढ़ाई जारी रखते हुए वह मास्टर इन साइंस एम. फार्मा करेगी। वहीं दूसरी ओर सौम्या की इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल व्याप्त हो गया।

यह न्यूज जरूर पढे 

महाराष्ट्र: सर्वदलीय बैठक में पूर्ण लॉकडाउन पर हुई चर्चा,कल होगा फैसला

महाराष्ट्र: सर्वदलीय बैठक में पूर्ण लॉकडाउन पर हुई चर्चा,कल होगा फैसला

हेडलाइंस18 नेटवर्कमुंबई : महाराष्ट्र में लॉकडाउन को लेकर सर्वदलीय बैठक हुई. अब लॉकडाउन लगेगा या नहीं इसका फैसला कल रविवार को टास्क फोर्स की बैठक में होगा. राज्य में बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज सर्वदलीय बैठक बुलाई. राज्य में...

पालघर,बोईसर,वसई-विरार में दिखा वीकेंड लॉकडाउन का असर ,बाजार रहे सुनसान,सड़को पर पसरा सन्नाटा

पालघर,बोईसर,वसई-विरार में दिखा वीकेंड लॉकडाउन का असर ,बाजार रहे सुनसान,सड़को पर पसरा सन्नाटा

हेडलाइंस18 नेटवर्कपालघर : महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार ने 30 अप्रैल तक वीकेंड पर लॉकडाउन लगाने और नाइट कर्फ्यू समेत अन्य पाबंदियों की घोषणा की है। सरकार की घोषणा के बाद शनिवार को लॉकडाउन का पहला दिन था। सड़कों पर सन्नाटा ही सन्नाटा नजर...

महाराष्ट्र : सख्त वीकेंड लॉकडाउन के बीच भी मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जा रहा है आज IPL का दूसरा मुकाबला

महाराष्ट्र : सख्त वीकेंड लॉकडाउन के बीच भी मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जा रहा है आज IPL का दूसरा मुकाबला

हेडलाइंस 18 नेटवर्कमुंबई :महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रदेश में 30 अप्रैल तक वीकेंड लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू सहित कई अन्य पाबंदी जैसे धार्मिक आयोजन,राजनैतिक आयोजन व बड़ी खेल प्रतियोगिता आयोजन पर पाबंदी लगाई है पर इन सभी के बावजूद भी आज शनिवार को...