रामलीला आयोजनों की तरह दुर्गा पूजा के हो आयोजन,हिन्दू जागरण मंच ने की मांग

by | Oct 1, 2020 | उत्तर प्रदेश, मिर्जापुर

शिवशंकर शुक्ल | हेडलाइंस 18

मिर्ज़ापुर : दुर्गापूजा के आयोजन को रामलीला आयोजन की तरह ही अनुमती दी जानी चाहिए । यह कहना है हिन्दू जागरण मंच व दुर्गापूजा समिति सदस्य संदीप अग्रहरी का ,अग्रहरी का कहना है कि रामलीला की प्राचीन परंपराओं की तरह दुर्गापूजा का भी आयोजन प्राचीन है। जैसे विजयादशमी पर अनाचारी रावण के वध के पूर्व श्रीराम ने 9 दिनों तक दुर्गा की पूजा और आराधना की थी, जिसका उल्लेख पुराणों में भी है। इतना ही नही
वाल्मीकी रामायण में अगस्त्य ऋषि ने श्रीराम को रावणवध के लिए देवी दुर्गा की आराधना के साथ अन्य उपायों के बारे में बताया था। इसके अलावा सातवीं शताब्दी में आदि गुरु शंकराचार्य एवं नौवीं शताब्दी में गुरु गोरक्षनाथ (गोरखनाथ) के साहित्य में शक्ति की आराधना का उल्लेख है।
अग्रहरी यह भी बताया कि शक्ति (माता) की आराधना के बिना कोई भी आसुरी शक्तियों पर विजय श्री नहीं प्राप्त कर सकता । रामलीलाओं में कम उम्र के (खासकर किशोर उम्र के लड़के और लड़कियां) रामायण की कथा से परिचित होती हैं,जबकि दुर्गा की पूजा से नारी सशक्तिकरण का भाव जागृत होता है,और दुर्गा के अनेक रूप एवं संघर्ष की कथाओं से जनमानस परिचित भी होता है।
दुर्गा- प्रतिमाओं के निर्माण से कम आय के पिछड़े तबके के कामगारों को आजीविका मिलती है,और अन्य प्रकार से भी बेरोजगार लोगो को रोजगार मिलता है पूरे वातावरण में भक्ति के बल पर सकारात्मकता का संचार होता है।
ऐसी स्थिति रामलीला आयोजनों की तरह उन्हीं शर्तों पर दुर्गापूजन की अनुमती भी मिलनी चाहिए, साथ ही यह भी कहा है कि अगर सरकार अनुमति नही देती है तो हिन्दू धर्म व माता दुर्गा को मानने वाले श्रद्धालुओं को ठेस पहुचेगी ।

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