मनपा आयुक्त डॉ पंकज आशिया ने भिवंडी शहर के लिए विशेष कलस्टर योजना के लिए सरकार को भेजा प्रस्ताव

by | Sep 30, 2020 | ठाणे

संजय दुबे

भिवंडी : शहर में फ़ैले अनियमित  अवैध इमारतों के मकड़जाल से भिवंडीवासियों को पूूर्ण रूप से मुक्ति  दिलाने के लिए मनपा आयुक्त  डाॅ . पंकज आशिया ने समग्र शहर विकास की सुगमता के लिए राज्य सरकार को प्रस्तावित पत्र भेजकर भिवंडी के लिए विशेष कलस्टर (डेवलपमेंट पालिसी) की मांग की है। यदि सरकार ने इस प्रस्ताव को मान्यता  दे दी तो बहुत जल्द भिवंडी को बहुत बड़ी राहत मिलने के अलावा शहर के वास्तविक विकास के इतिहास में यह मील का पत्थर साबित होगा। 

      उल्लेखनीय है कि मनपा प्रशासन ने जुलाई में जो धोखादायक और अतिधोखादायक इमारतों की सूची जारी किया था, उसके अनुसार  हशहर में 572 धोखादायक और 210 अति धोखादायक सहित ऐसी इमारतों की संख्या कुल 782 थी। जिसमें प्रभाग समिति 1 में 16, प्रभाग समिति 2 में 159, प्रभाग समिति 3 में 108, प्रभाग समिति 4 में 278 और प्रभाग समिति 5 में 221 धोखादायक और अति धोखादायक इमारतों का समावेश है। जिनमें लगभग 2 हजार परिवारों सहित लगभग 10 हजार से अधिक लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रह रहे हैं। इनमें 35-40 वर्षों से अधिक की इमारतें, पुरानी चाल, पावरलूम कारखाने तथा दुकाने आदि भी शामिल हैं। भिवंडी मनपा का इस  प्रकार  के मामलों में बड़ा ही दिलचस्प और लंबा खेल है। जो इमारत गिरने जैसी नहीं है और जर्जर भी नहीं है, उससे न तोड़ने के लिए पैसे की  मांग की जाती  है और जो जर्जर है उसे भी तोड़ने के लिए पैसा मांगा जाता है। इस  प्रकार  के कई मामलों में क्षेत्रीय नगरसेवकों का भी तोड़ने और छोड़ने का दबाव रहता है। जिससे कोई ठोस कार्रवाई न करके  केवल सौदे बाजी  की होती है। लेकिन ये सारा खेल मनपा आयुक्त डाॅ. पंकज आशिया के संज्ञान  में आ गया है। 

       स्वंय मनपा आयुक्त का मानना है कि विशेष रूप से  इस  प्रकार  का सर्वे जनवरी और फरवरी में हो जाता है और अप्रैल तक उसे सूचीबद्ध करके 4 श्रेणी सी-1, सी-2 ए, सी-2 बी और सी-3 में विभक्त किया जाता है।परंतु वर्तमान में  भिवंडी शहर में 5 इमारतों को छोड़कर सी-1 और सी-2ए श्रेणी की सभी इमारतें खाली करवा दी गई हैं। इस श्रेणी  की जो 5 इमारतें छोड़ी गई हैं, उनमें 3 इमारतों का मामला न्यायालय  में  विचाराधीन है और दो मनपा की खुद की इमारतें हैं। इतना ही नहीं मनपा प्रशासन खुद इस पुराने इमारती सर्वे को संदिग्ध मानता है। इसलिए मनपा आयुक्त  डाॅ, पंकज आशिया द्वारा  पुनः  नए सिरे से मनपा के बीट निरीक्षकों, प्रभाग लिपिकों सहित अधिकतम कर्मचारियों को लगाकर सर्वे कराया जा रहा है। इसके लिए 1 सप्ताह में सर्वे का काम पूरा होने के बाद नए सिरे से धोखादायक और अति धोखादायक इमारतों को चिन्हित कर लोगों की जान व माल की सुरक्षा के मद्देनज़र उन्हें तुरंत खाली कराया जाएगा। 

       इतना ही नहीं मनपा में इस  प्रकार  की भी अनेकों शिकायतें दर्ज हैं,जिसमें मकान मालिक अपनी इमारत खाली कराने के लिए अधिकारियों को पटाकर उन्हें अति धोखादायक घोषित करवा दिया है। लेकिन मनपा आयुक्त ने मनपा अधिकारियों की मिलीभगत से इस तोड़ और छोड़ के खेल को  संज्ञान में  लिया है। इसलिए इस खेल की राजनीति पर  पूर्ण रूप से  ब्रेक लगाने के लिए मनपा आयुक्त ऐसी इमारतों की सूची और उसकी वास्तविकता की जांच और सर्वे खुद करेंगे। इसके पहले चरण में प्रत्येक प्रभाग की 20-20 अति धोखादायक इमारतों को चिन्हित और उन्हें सूचीबद्ध करने का काम होगा और उसकी जांच अथवा प्रत्यक्ष निरीक्षण मनपा आयुक्त स्वंय करेंगे और 26 सितंबर शनिवार को मनपा आयुक्त  डाॅ . पंकज आशिया ने ऐसा किया भी। जब वह प्रभाग क्रमांक 2 में स्वयं जाकर शांतिनगर केजीएन चौक स्थित घर नंबर 873/3, गैबीनगर स्थित घर नंबर 825, मोमिनपुरा स्थित घर नंबर 1247/0 की इमारत का प्रत्यक्ष निरीक्षण करते हुए उक्त इमारतों को खाली कराकर स्ट्रक्चरल आडिट कराने सहित उक्त इमारतों का जलापूर्ति और बिजली कनेक्शन खंडित कराने के अलावा अति धोखादायक इमारतों के विरुद्ध  महाराष्ट्र मनपा अधिनियम 1949 के  अनुसार  कार्रवाई का आदेश दिया है।

      गौरतलब है कि लोगों को ब्लैकमेल कर पैसा उगाने के लिए जो इमारतें ठीक हैं उन्हें भी धोखादायक और अति धोकादायक की श्रेणी में डाला गया है और जो वास्तव में धोखादायक नहीं अथवा ठीक-ठाक हैं उन्हें धोखादायक अथवा अति धोखादायक इमारतों की सूची में डालकर उनसे केवल पैसा वसूल किया  जा रहा है। इतना ही नहीं इस खेल में मनपा के अधिकारियों व कर्मचारियों से लेकर स्ट्रक्चरल ऑडिट करने वाले आर्किटेक्ट और इंजीनियरों की भी मिली भगत बताई जा रही है। जिसके लिए मनपा आयुक्त ने पैनल पर बाहर के आर्किटेक्ट लेने का निर्णय लिया है और जो यहां के परंपरागत आर्किटेक्ट और इंजीनियरों द्वारा स्ट्रक्चरल ऑडिट की गई है, उनकी सत्यता की जांच और सत्यापन भी बाहर अथवा ढंग के आर्किटेक्ट से कराने का  निर्णय  आयुक्त ने लिया है।उक्त  कार्य की पारदर्शिता के मद्देनज़र इसमें दोषी पाए गए मनपा प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों सहित इंजीनियरों व आर्किटेक्ट के  विरुद्ध  भी कार्रवाई का संकेत मनपा आयुक्त ने दिया है, जिसके कारण मनपा  प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है  और मनपा आयुक्त डाॅ पंकज आशिया द्वारा लिए गए निर्णय के परिणाम स्वरूप सत्यता प्रकाश में आजाएगी  जो अति आवश्यक है  ।

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