महामारी का मुकाबला रोग प्रतिरोध शक्ति को बढ़ाकर करते है – आनंदश्री

by | Sep 30, 2020 | ठाणे, मुंबई

मिथिलेश गुप्ता

डोंबिवली : प्रकृति ने हर जीवित शरीर में एक ऐसी व्यवस्था बनाई है, जो उसे नुकसानदेह जीवाणुओं, विषाणुओं, और माइक्रोब्स आदि से बचाती है इसे ही रोग प्रतिरोधक शक्ति या इम्यूनिटी कहा कहा जाता है, जब बाहरी रोगाणु की तुलना में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ती है तो इसका असर सर्दी, जुकाम, लू , खांसी, बुखार आदि के रूप में दिखता में दिखता है इसलिए महामारी का मुकाबला रोग प्रतिरोध शक्ति को बढ़ाकर किया जा सकता है ऐसा आनंदश्री प्रो. डॉ दिनेश गुप्ता का कहना है ।

इस महामारी में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना अब बहुत ही महत्वपूर्ण हो गया है और इसका का कोई जादुई उपाय नहीं, बल्कि दैनिक जीवन में उचित खानपान, प्राणायाम और अच्छी नींद का समावेश ही हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्राकृतिक रूप से मजबूत बनाए रखेगा। अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी की इम्युनोलॉजिस्ट अकीको इवासाकी का कहना है कि प्रतिरोधक क्षमता के तीन हिस्से होते हैं-त्वचा, श्वसन मार्ग और म्यूकस झिल्ली। ये तीनों हमारे शरीर में किसी भी संक्रमण को रोकने में मददगार हैं। अगर कोई वायरस इन तीनों अवरोधकों को तोड़कर शरीर में घुस जाता है, तो फिर अंदर की कोशिकाएं तेजी से सतर्कता बढ़ाती हैं और वायरस से लड़ना शुरू कर देती हैं।

 रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीजों में विटामिन सी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। विटामिन सी सबसे ज्यादा खट्टे फलों में मौजूद होता है जैसे निम्बू, संतरा, मौसमी, स्ट्रॉबेरी, जामुन, और आंवला। विटामिन सी शरीर में श्वेत रक्त कोशिका को बनाता है जो कि इंफेक्शन से लड़ने में शरीर की मदद करता है। प्राकृतिक विटामिन सी हमे बहुत ही लाभदायक होता है, क्योंकि इसमें बिटामिन सी के साथ साथ और भी जरूरी तत्व प्राप्त होते है। 

इम्युनिटी बढ़ाने के लिए कच्ची हल्दी, अदरक, लहसुन, पालक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पकाये गए भोजन को कम कर 70% रॉ फ़ूड – कच्चे सलाद का सेवन करे। इसी के साथ ही, हल्का व्यायाम, योगा, ध्यान और प्राणायाम का भी सहारा लिया जा सकता है। 

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