आपका बच्चा भी क्या घंटों मोबाइल में बिजी रहता है, जानिए आंखों से लेकर दिमाग तक होने वाले नुकसान

by | Dec 23, 2022 | देश/विदेश

हेडलाइंस 18

व्यस्तता और बच्चों को बहलाने के लिए अभिभावक उन्हें अपना स्मार्टफ़ोन दे खुद का  पीछा तो छुड़ा लेते हैं, लेकिन वही स्मार्टफ़ोन आपके बच्चों को कई बीमारियां दे रहा है।

मोबाइल से निकलने वाले रेडिएशन से बच्चे कई खतरनाक बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। फोन की लत इस कदर बढ़ गई है कि बच्चे आक्रामक हो रहे हैं।वहीं इसका बच्चों की आंखों पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

चिकित्सकों के अनुसार, 10 से 15 साल के उम्र के बच्चे मोबाइल एडिक्शन के चलते डिप्रेशन, एंजाइटी, अटैचमेंट डिसॉर्डर और मायोपिया जैसी खतरनाक बीमारी की जकड़ में आ रहे हैं। एक वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ ने बताया कि मोबाइल की स्क्रीन के आगे ज्यादा समय बिताने के चलते न सिर्फ बच्चों की शारीरिक गतिविधियां सीमित हो गई हैं, बल्कि बच्चों पर इसका मानसिक प्रभाव भी दिखने लगा है। ऐसे में बड़ी संख्या में बच्चे तनाव, झुंझलाहट, चिड़चिड़ापन और गुस्से का भी शिकार हो रहे हैं।

औसतन एक दिन में दो घंटे से अधिक मोबाइल के प्रयोग का सीधा असर बच्चों के दिमाग पर पड़ता है। इससे उनका  शारीरिक विकास भी बाधित होता है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे जब मोबाइल का प्रयोग करते हैं तो वे उसमें खो जाते हैं। मोबाइल के गेम्स की एक छद्म दुनिया होती है। हाल ही में ब्लू वेल जैसे गेम्स ने कैसे कहर बरपाया, यह इसकी एक बानगी है। इसी तरह सोशल नेटवर्क मसलन फेसबुक, ट्विटर, वाट्सअप की लत भी खतरनाक है। अनजान लोगों से रिश्ते, नादानी में सूचनाओं का आदान-प्रदान घातक है। अपराधी प्रवृत्ति के लोग आसानी से इनका दुरुपयोग करते हैं। पोस्ट पर अपेक्षा से कम लाइक जैसे मामले भी बच्चों में मानसिक अवसाद पैदा करते हैं। नतीजा यह होता है कि आखिर में नशा और फिर अपराध तक बात पहुंचती है।

बच्चों में खतरनाक तरीके से बढ़ता मोबाइल का रोग

दैनिक जीवन में अगर आप अपने बच्चों पर गौर करें तो वो बहुत ही ज्यादा समय मोबाइल पर बिता रहे हैं। यह उनके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही नुकसानदेह है।’एशियन जरनल ऑफ मेडिसिन साइंस’ की एक हालिया रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. देश में 2 से 5 साल के एज ग्रुप के बच्चे रोजाना करीब 4 घंटे स्क्रीन पर बिताते हैं।जबकि 5 से 10 साल की उम्र के बच्चे 5 घंटे से ज्यादा और 10 से 18 वर्ष के बच्चे 6 घंटे से अधिक समय स्क्रीन पर बिताते हैं।

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