पालघर:इस बार पंचायतों में महिलाओं का होगा दबदबा,10 गांवों के सरपंचों का निर्विरोध चुनाव

by | Oct 13, 2022 | देश/विदेश, पालघर, महाराष्ट्र, मुंबई

हेडलाइंस18

पालघर जिले के आठ तालुकों की 473 ग्राम पंचायतों में से 342 के लिए चुनाव 16 अक्टूबर को हो रहे हैं। इन चुनावों में 5 ग्राम पंचायतों को पूरी तरह से निर्विरोध चुना गया है, जबकि 10 ग्राम पंचायतों के सरपंच निर्विरोध चुने गए हैं और 711 सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं। सरपंच पद के लिए सीधा चुनाव है। ग्रामपंचायतो के 342 सरपंच और 1257 प्रभागों से 3 हजार 490 सदस्य चुने जाएंगे। सरपंच पद के लिए 10 ग्राम पंचायतों के सरपंच निर्विरोध चुने गए हैं, जिनमें से पालघर तालुक़ा में 5 और वाडा तालुक़ा से 4 और जव्हार तालुका में एक ग्राम पंचायत निर्विरोध चुने गए हैं। पालघर जिले के 342 में 310 ग्रामपंचायतों के सरपंच पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं।

चूंकि यह सरपंच पद के लिए सीधा चुनाव है, इसलिए सक्षम उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग के बाद ही नामांकन वापस लिया है। एक सरपंच पद के लिए कम से कम 5 से 7 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।  जो लोग इस खर्च को वहन नहीं कर सकते उन्हें सिर्फ प्रतिष्ठा के लिए चुनाव का सामना करना पड़ता है। चुनाव में उतरे उम्मीदवारों में कुछ को पार्टी द्वारा और कुछ को विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों द्वारा चुनावों का सामना करने में मदद की जा रही है। जिले के 711 सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं, जिनमें दहाणु तालुका से 112, तलासरी तालुका से 5, पालघर तालुका से 153, वसई से 8, वाडा तालुका से 202, विक्रमगढ़ तालुका से 61, जव्हार तालुका से 121, मोखाड़ा तालुका से 49 सदस्य ऐसे 711 सदस्य निर्विरोध आने से उन्हें अब चुनाव का सामना नहीं करना पड़ेगा। 

जिले में वाडा 70, दहाणु 62, जव्हार 47, विक्रमगढ़ 36, मोखाड़ा 22 और तलासरी के 12 गांव शामिल हैं। इन गांवों में पेसा अधिनियम लागू है, इसलिए सरपंच का पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है।  पालघर तालुका में 133 में से 83 ग्राम पंचायतों में चुनाव हो रहे हैं, जिनमें से 56 ग्राम पंचायत अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं। जिन मतदान केंद्रों पर वास्तविक चुनाव होंगे, उनकी संख्या 1332 है।  जिले की 342 में से 248 ग्राम पंचायतों में 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होने के कारण इन ग्राम पंचायतों में महिला राज आने की उम्मीद है। इसलिए गांव में उप सरपंच पद की दावेदारी की अभी से शुरुवात हो गई है। सरपंच पद न होने पर देखा जाता है कि उप सरपंच के पद से संतुष्ट लोगों की संख्या अधिक है। वहां भी फील्डिंग की जा रही है क्योंकि तय है कि उप सरपंच आरक्षण का फायदा उठाएंगे।

पालघर तालुका में रावते, नागझरी, जबकि वाडा तालुका में मांडवा, वडवली की तरफ़ कौलघर और जव्हार में वावर इन पाँच गांव ने अपनी ग्राम पंचायतों को पूरी तरह से निर्विरोध चुना है।

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