ठगी के रुपये से पालघर में बीच पर रिसॉर्ट बनाकर रह रहा था मौज-मस्ती,यूपी एटीएस ने किया गिरफ्तार

by | Jul 26, 2022 | उत्तर प्रदेश, देश/विदेश, पालघर, महाराष्ट्र, मुंबई, वसई विरार

हेडलाइंस18

यूपी एटीएस ने वास्तविक नोट के बदले उच्च गुणवत्ता की चार गुना भारतीय जाली मुद्रा देने का झांसा देकर लूट करने वाले गिरोह के दो सदस्यों रामायण सिंह और विमल पटेल को पालघर के नालासोपारा से गिरफ्तार किया है।

उन दोनों आरोपियों के ऊपर 25-25 हजार रुपए का इनाम भी था.दरअसल, एटीएस टीम मास्टरमाइंड समेत गैंग के बाकी के सदस्यों की तलाश में जुटी हुई थी. हालांकि,एटीएस टीम के मुताबिक, आरोपियों को काफी कठिन प्रयास कर महाराष्ट्र के पालघर जिले के राजौरी बीच में स्थित रिसॉर्ट से गिरफ्तार किया गया है. बता दें कि, इस गिरोह के 5 सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. उनके खिलाफ लखनऊ के गोमती नगर थाने में केस दर्ज है.

दरअसल, वाराणसी की एटीएस टीम के मुताबिक, टीम ने रेड़ मारकर 25 हजार रुपए के ईनामी रामायण सिंह और विमल पटेल को गिरफ्तार किया गया है. जहां ठगी करने वाला गिरोह नकली नोट उपलब्ध कराने का लालच देकर लोगों के पैसे 4 गुना करने का झांसा देकर लूट एवं ठगी का वारदात को अंजाम देते थे. एटीएस टीम को जानकारी मिली कि एक सकिय गैंग के कुछ सदस्य, लोगों को हाई क्वालिटी की नकली भारतीय करेंसी उपलब्ध कराने का झांसा देते हैं. वहीं, लालच में आकर जब ग्राहक इनके पास पैसे लेकर आता है तो ये उनके साथ लूट कर लेते हैं.
झांसा देकर ठगी का बनाते थे शिकार

वहीं, ठगी का शिकार हुआ शख्स अपनी शिकायत न कर सके इसके लिए ये लोग अंडरवर्ड की धमकी देकर ठगी और लूट के शिकार लोगों को चुप करा देते थे. वहीं, एटीएस अधिकारी का कहना है कि झांसा देने के लिए ये लोग नोट के आकार का कागज देकर उसे ड़ाई से प्रिंट करके दिखाने का छलावा करते थे.जबकि ग्राहक को असली नोट देते थे. उन्होंने बताया कि ये गिरोह महाराष्ट्र, राजस्थान,गुजरात औऱ उत्तर प्रदेश समेत कई अन्य प्रदेशों में भी फैला है. जानकारी मिली कि पिछले साल 27 अक्टूबर 2021 को प्रयागराज के कारोबारी से भी इस गिरोह ने नकली नोट देने के नाम पर 90 लाख रुपए की ठगी की वारदात को अंजाम दिया था. जिसके बाद आरोपी लूट कर लूटे गए धन के बंटवारे के लिए लखनऊ आए है. जहां पर टीम ने गिरोह के 2 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया था. वहीं, आरोपियों के पास से 44 लाख रुपए बरामद किए गए थे.
ठगी की रकम से बीच पर बनाया था रिसॉर्ट

एटीएस अधिकारियों ने बताया कि बीते दिन गिरोह का सरगना मास्टरमाइंड रामायण सिंह उर्फ सचिन जोकि ठगी के पैसे से अपने साथी राजेश पटेल उर्फ विधायक के साथ मिलकर राजौरी बीच पर रिसार्ट बनाकर ऐश की जिंदगी जी रहा था. वहीं. एटीएस टीम ने महाराष्ट्र के पालघर जिले के राजौरी बीच में स्थित रिसॉर्ट से गिरफ्तार किया है.
पूछताछ में हुआ गैंग का खुलासा

एटीएस टीम की पूछताछ में आरोपी सचिन ने बताया कि गैंग के साथ मिलकर काम ये साल 2013 से कर रहा है.अब तक इस तरह के अपराध से करोडों रुपए कमाकर मुंबई एवं अन्य जगहों पर संपत्ति बना चुका है. उसने बताया कि हम लोग पैसे वाले लोगों को टारगेट करते थे. जहां पहले उन्हें मीटिंग के लिए बुलाया जाता था. उसके बदले हम उनसे 5-10 लाख रुपए टोकन मनी लेते थे. वहीं, मीटिंग में हम उन्हें असली नोट देते थे एवं बाकायदा उसे एटीएम मशीन में डिपोजिट कराकर झांसे में ले लेते थे. इसी तरह उन्हें भारत के अलग अलग शहरों में बुलाकर उनसे मोटी रकम लेने के बाद हम उन्हें कुछ न देकर उनके पैसे लूट लेते थे. साथ ही अंडरवर्ड की और जान से मारने की धमकी देकर भगा देते थे. वहीं, लूटे गए लोग जान से मारे जाने के डर से पुलिस को सूचना नहीं देते थे. हालांकि, अब 5 करोड से रुपए लूटे जा चुके हैं.

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