पालघर : जनता के पैसों को बहाया जा रहा पानी की तरह,ऑक्सीजन प्लांट होते हुए भी निजी कंपनी से लाखों का खरीदा ऑक्सीजन ,भाजपा ने मांगा जवाब,जानिए क्या है पूरा मामला

by | May 12, 2022 | पालघर, महाराष्ट्र, वसई विरार

पालघर : वसई विरार शहर मनपा के पास 4 ऑक्सीजन प्लांट होते हुए भी मनपा के वैद्यकीय आरोग्य विभाग ने निजी ऑक्सीजन सप्लाई कंपनी से 64 लाख 62 हजार 410 रुपए का ऑक्सीजन ख़रीदा गया है. इस पर भाजपा वसई-विरार जिला उपाध्यक्ष मनोज बारोट ने मनपा आयुक्त को लिखित पत्र द्वारा कई सवाल खड़े करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है. कोरोना की दुसरी लहर में ऑक्सीजन के अभाव में किसी मरीज की मृत्यु न हो इसलिए प्रधानमंत्री ने सभी जिला स्तर पर ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए थे. उसके मुताबिक वसई विरार मनपा में भी 4 ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए थे. लेकिन अब सभी प्लांट धूल फांक रहे थे. इसको लेकर 11 फरवरी को मनपा आयुक्त से स्पष्टीकरण मांगा था कि नागरिकों के टैक्स से करोड़ो की लागत में बने ऑक्सीजन प्लांट क्यों धूल फांक रहे है? और प्रकल्प बंद रखने के पीछे उद्देश्य क्या है? इस सवाल पर मनपा के वैद्यकीय आरोग्य विभाग के उपायुक्त विजय कुमार द्वासे ने मीडिया को बताया था कि, आक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था पर्याप्त मात्रा में है. प्लांट शुरू करने से मनपा पर अधिक बोझ पड़ेगा, इसलिए जब जरूरत होगी तब सभी प्लांट को पूरी क्षमता के साथ शुरू किया जायेगा. इसलिए प्लांट धूल फांक रहे है कहना उचित नहीं है. मनपा प्लांट की देखभाल कर रहा है.

बारोट ने उपायुक्त के इस बयान पर खेद प्रकट करते हुए 14 फरवरी को लिखित पत्र द्वारा आयुक्त से विनीत की थी कि ऑक्सीजन प्लांट तुरंत शुरू किया जाए ताकि निजी अस्पतालों में इलाज ले रहे मरीजों को सस्ते दर से प्राणवायु उपलब्ध हो सके. लेकिन मनपा प्रशासन पर कोई असर नहीं हुआ। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार ऑक्सीजन प्लांट के लिए मनपा ने रायगड ऑक्सीजन प्रा. लि. के साथ 02 अगस्त 2021 और 07 अगस्त 2021 को करारनामा करते हुए 90 दिन में प्लांट शुरू करने को कहा था और यदि 90 दिन में प्लांट शुरू करने में रायगड़ ऑक्सीजन प्रा. ली कंपनी विफल होती है तो उसे प्रति दिन 1 लाख रुपया जुर्माने के तौर पर मनपा को चुकाना होंगे इस शर्त के साथ करार किया था.मनपा और रायगड ऑक्सीजन के बीच हुए करार के मुताबिक 90 दिन का समय तय हुआ था। उसके मुताबिक 02 नवंबर और 07 नवंबर 2021 को ऑक्सीजन प्रकल्प शुरू हो जाने चाहिए. लेकिन यहां अहम सवाल यह खड़ा हो रहा है कि मनपा के पास ऑक्सीजन प्लांट नवंबर महीने से होते हुए भी वैद्यकीय आरोग्य विभाग ने एक निजी सप्लायर से नवंबर 2021 से फरवरी 2022 यानी की सिर्फ 4 महीने के भीतर 64,62,410 रुपए का ऑक्सीजन खरीद किया.इस गंभीर मामले को लेकर बारोट ने जांच के पश्चात लिखित रूप में आयुक्त से स्पष्टीकरण की मांग करते हुए कहा है कि, ऑक्सीजन प्लांट होते हुए भी आरोग्य विभाग ने एक ही निजी सप्लायर से लाखो रुपए का ऑक्सीजन क्यों खरीदा? इसके पीछे का कारण क्या है? तथा आरोग्य विभाग के उपायुक्त के कहने के मुताबिक यदि परियोजना शुरू करने से मनपा पर अधिक बोझ पड़ सकता है, तो परियोजना शुरू करने के लिए कितना अधिक बोझ मनपा पर पड़ता? और परियोजना को बंद रखकर लाखो रुपए की खरीदी करने से बोझ किस पर पडा? इन सब सवालों के स्पष्टीकरण की मांग बारोट ने की है.

बारोट ने इस मामले से अवगत कराने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री, विरोधी पक्ष नेता, आरोग्य मंत्री और पालघर जिला दंडाधिकारी को भी पत्र की कॉपी ईमेल द्वारा भेजी है.

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