गावठन भूमि का ड्रोन कैमरे से सर्वे शुरू ,पालघर जिले के लाखों लोगों को मिलेगा ये बड़ा फायदा

by | Apr 18, 2022 | पालघर, महाराष्ट्र

स्वामित्व योजना के तहत अब ग्रामीणों को जहां वे रह रहे हैं।उस स्थान का मालिकाना हक दिया जाएगा। इसके लिए जिले की 8 तहसील के 770 गांवों में ड्रोन सर्वे किया जा रहा है।इनमें 424 गांव में सर्वेक्षण का काम पूरा हो गया है। ड्रोन सर्वे के बाद आबादी क्षेत्र के गावठन प्लॉट की एंट्री की जा रही है। सर्वे सिर्फ गांव की आबादी भूमि में किया जा रहा है। जिसके डाटाबेस से पंचायत स्तर पर संपत्ति रजिस्टर भी तैयार किए जाएंगे। यह योजना ग्रामीण विकास विभाग, भूमि अभिलेख विभाग और भारत के सर्वेक्षण विभाग की संयुक्त भागीदारी से बहुत तेजी से कार्यान्वित की जा रही है।

ड्रोन द्वारा जारी गावठन सर्वेक्षण को पूरा करने के बाद गांव के हर घर की मैपिंग की जाएगी।  गांव का हर घर, खुली जगह, सड़क,गलियों व नालियों को नगर सर्वेक्षण नंबर दिया जाएगा।  साथ ही, महाराष्ट्र भू-राजस्व अधिनियम, 1966 के प्रावधानों के अनुसार, गांव में प्रत्येक संपत्ति का पापर्टी कार्ड तैयार कर वितरित किया जाएगा।

ग्रामीणों को मिलेगा यह लाभ

गावठन (आबादी) क्षेत्र में जिस स्थान पर ग्रामीण रह रहे हैं। उन्हें उसी स्थान का स्वामित्व प्रमाण-पत्र मिलेगा। इससे उन्हें मकान-प्लॉट पर बैंक से लोन लेना आसान हो जाएगा। संपत्तियों के पारिवारिक हिस्सा-बांट, हस्तांतरण, नामांतरण, बंटवारे की प्रक्रिया आसान होगी और इससे संपत्ति को लेकर होने वाले पारिवारिक विवाद भी कम होंगे।

क्या है गावठन (आबादी) भूूमि

गांवों में लोग पूर्वजों के जमाने से घर बनाकर रह रहे हैं। जहां वह रह रहे हैं उस जमीन से जुड़ा बहुत से ग्रामीणों के पास कोई दस्तावेज नहीं है। एक ही सर्वे नंबर पर हजारों लोग बसे हैं। किसकी कितनी जमीन है? यह रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है।

गावठन क्षेत्र में रहने वाले जिन लोगों के पास पहले स्वामित्व का प्रमाण नहीं था, उन्हें सर्वेक्षण के बाद प्रमाण मिलेगा। पापर्टी कार्ड मिलने से लोगों को स्वामित्व का हक तो मिलेगा ही साथ ही खरीदी विक्री में होने वाली समस्या खत्म होगी और ग्रामपंचायतो के राजस्व में भी वृद्धि होगी।

महेश इंगले जिला अधीक्षक भूमि अभिलेख-पालघर

यह न्यूज जरूर पढे