बाबा का बुलडेजर रुकेगा नही,यह गोरखपुर है साहब झुकेगा नही,जानिए योगी के वापसी के अहम फैक्टर

by | Mar 10, 2022 | उत्तर प्रदेश, लखनऊ

उत्‍तर प्रदेश में योगी आदित्‍यनाथ के पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद सत्‍ता में वापसी के आसार बढ़ गए हैं। शुरुआती रुझानों से भाजपा अपने प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी से बढ़त बनाए हुए है।भाजपा बहुमत के आंकड़े से काफी आगे चल रही है। इस चुनाव में यूपी की जनता ने समाजवादी पार्टी के एमवाई फैक्‍टर को पूरी तरह से नकार दिया है।

कानून व्यवस्था
योगी आदित्‍यनाथ ने जब वर्ष 2017 में प्रदेश की कमान संभाली तो सबसे बड़ी चुनौती यूपी की बिगड़ी कानून व्‍यवस्‍था थी। योगी सरकार के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती कानून व्‍यवस्‍था को पटरी पर लाना था। प्रदेश में माफ‍िया राज था। उससे निपटना योगी सरकार के लिए सबसे कठिन काम था। हालांकि, शुरुआती चरण में प्रदेश में कानून व्‍यवस्‍था में बहुत सुधार नहीं दिखा, लेक‍िन कानून व्‍यवस्‍था पर योगी सरकार ने विशेष ध्‍यान दिया। प्रदेश सरकार ने माफ‍ियाओं के खिलाफ सख्‍त अभियान चलाया। सरकार ने अपराधी और भू-माफ‍ियाओं को चिन्‍हित किया और उनको जेल के अंदर ठूस दिया हैं। लोगों ने माफ‍िया राज से राहत महसूस की। यही कारण है कि उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में विकास के अलावा कानून व्‍यवस्‍था बड़ा मुद्दा बना।

किसान हित
किसानों की कर्जमाफी का वादा भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में था, खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी सभाओं में कहा था कि शपथ लेने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा।

बिजली मुद्दा
योगी सरकार ने भाजपा के चुनावी वादों में 24 घंटे बिजली देने का वादा भी बेहद सबसे अहम था। सत्ता में आते ही योगी सरकार ने इसके लिए तेजी से कदम उठाया और तय हुआ कि शहरों में 24 घंटे और गांवों में 18 घंटे बिजली दी जाएगी। बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए और भी कई कदम उठाए गए।

महिला सुरक्षा
सूबे में महिलाओं की सुरक्षा सरकार का दूसरा सबसे बड़ा एजेंडा था। इसके तहत एंटी रोमियो स्क्वायड को सरकार ने सख्‍ती से लागू किया। हालांकि, इसके संचालन में कुछ सवाल भी उठाए गए। यह कहा गया कि एंटी रोमियो स्क्वायड के नाम पर युवक और युवतियों को जगह-जगह परेशान किया जा रहा है। बाद में सरकार ने एंटी रोमियो स्क्वायड को एक नई योजना और नई तैयारी के साथ दोबारा लागू किया।

कठोर फैसले
अवैध बूचड़खानों को बंद करना योगी सरकार के हित में रहा। यूपी में योगी सरकार बनते ही राजधानी लखनऊ समेत तमाम जगहों पर बूचड़खानों पर छापे पड़े और अवैध तरीके से बूचड़खाने और मांस की दुकानें बंद कराई गईं। सरकार की इस कार्रवाई के बाद मीट कारोबारियों की हड़ताल भी हुई, लेकिन सरकार अपने फैसले पर अडिग थी।

डबल इंजन सरकार
चुनावी नतीजों के रुझान यह बताते हैं कि प्रदेश की जनता ने योगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जोड़ी का समर्थन किया है। जनता को यकीन हो गया कि डबल इंजन की सरकार ही जनता और सूबे का भला कर सकती है।

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