आजादी वर्षो बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है आदिवासी

by | Feb 24, 2022 | उत्तर प्रदेश, मिर्जापुर

शिवशंकर शुक्ल

मिर्जापुर/ हलिया ब्लाक के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रो के कई गांव आजादी के 74 वर्ष बीत जाने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं से वंचित ही नही अंधेरे में रहने को भी विवश है। बतादे की लालगंज तहसील के छानबे विधानसभा में आनेवाले क्षेत्र फुलियारी, पयासी पर्सिया, ,सिलहटा, देवरी आदि ऐसे गांव है जहाँ न सरकारी बसों की सुविधा है नतो सड़के है, इतनाही नही विद्युत की भी समुचित व्यवस्था नही है।फुलियारी कि ग्राम प्रधान आशा दुबे ने हेडलाइंस 18 को बताया कि इस ग्राम पंचायत में कुल 13 वार्ड है।और यहाँ की जनसंख्या लगभग 4 हजार है।इसी ग्राम पंचायत में एक 300 जनसख्या वाली आदिवासी वहुल कोडरिया नामक ऐसा गांव है जो आज भी अंधेरे में जीवन व्यतीत करने को विवश है। ग्राम प्रधान दुबे ने यह भी कहा कि बिजली न होने से आदिवासियो के बच्चे पढ़ नही पाते क्यो कि मिट्टी का तेल भी इन्हें मुहैया नही होपाता जिस से दीपक जला कर रोशनी कर सके । ग्राम प्रधान दुबे ने सम्बन्धित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि इस गाँव मे बिजली की व्यवस्था की जाय । ज्ञात हो की मिर्जापुर जिले के ही ऊर्जा राज्य मंत्री रामशंकर पटेल है , केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल है जो अपने ही गृह क्षेत्रो में बिजली व मूलभूत सुबिधाये गावो तक पहुँचाने में नाकाम साबित हुए है।वही पयासी पर्सिया व सिलहटा के लोगो का कहना है कि चुनाव आते ही सभी राजनीतिक दल आते है बड़े बड़े दावे व विकास कार्यो का सपना दिखा कर वोट लेते है ।चुनाव जीतने के बाद 5 वर्ष तक दिखाई नही देते। गांव की इतनी दयनीय स्थिति है कि जो टूटी फूटी सड़के है वे गढ्डे में है या गढ्डे में सड़के है यह बता पाना सम्भव नही है। भाजपा के नाम पर मतदाता मतदान करते है।यह उम्मीद पर की अब यहां के दिन बहुरेंगे पर ऐसा नही होरहा है। न सरकार ध्यान दे रही है और न प्रशासन व विधायक ,सांसद स्थानीय वरिष्ठ नागरिक भगवती प्रसाद मिश्र का कहना है कि क्षेत्र का विकास तभी सम्भव है जब यहां साधन , मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होगी।

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