पालघर-किन्नरों को हुई ये समस्या,तो नपेंगे अधिकारी

by | Feb 7, 2022 | पालघर, महाराष्ट्र, वसई विरार

किन्नरों को अंतिम संस्कार में होने वाली दिक़्क़तों को देखते हुए जिलाधिकारी डॉक्टर माणिक गुरसल ने अधिकारियों को निर्देश दिए है,कि किन्नरों को कब्रिस्तानों और शमशान घाटों पर अंतिम संस्कार में कोई दिक्कत न आये। 

इसके लिए कदम उठाए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए है,कि वह अपने क्षेत्रों में निर्देशों का सख्ती से पालन करवाये। लापरवाही बरतने वालों अधिकारियों पर कार्यवाही की जाएगी। बतादें कि बीते दिनों में किन्नारों का एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर विकास मंत्री पालक मंत्री और जिलाधिकारी डॉ गुरसल से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से  उन्हें अवगत कराया था।

फैसले पर एक किन्नर ने सरकार और जिलाधिकारी का आभार जताते हुए कहा कि इससे किन्नर समाज के साथ हो रहे भेदभाव से राहत मिलेगी। एक अन्य किन्नर ने कहा कि हमारे साथ वर्षों से भेदभाव किया जाता रहा है।

किन्नारों को अंतिम संस्कार तक मे दिक़्क़तों का सामना करना पड़ता है,जो निंदनीय है।  

बतादें कि संजय गांधी निराधार योजना के तहत 1000 रुपये मासिक पेंशन के अलावा किन्नारों को आईडी कार्ड जारी करने वाला हाल ही में पालघर राज्य का पहला जिला भी है।

पालघर जिले में कुल 125 किन्नर रहते है

एक जानकारी के मुताबिक पालघर जिले में करीब 125 किन्नर रहते है। जिसमें से 35 बोईसर में और बाकी के डहाणू और वसई इलाके में रहते है।

राज्य सरकार किन्नरों के जीवन में सुधार लाने लगातार प्रयास कर रही है। आमतौर पर किन्नर भीख मांगकर, शादी या बच्चे के जन्म होने की खुशी पर नाच गाकर जीवन यापन करते हैं। घर या समाज में होते तिरस्कार को देख किन्नर बच्चे या तो खुद ही घर से चले जाते हैं या फिर उनके माता पिता “गुरुओं की शरण” में छोड़ आते हैं।

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