पालघर के इस गांव में 75 साल बाद बनेगा नदी पर पुल,लकड़ी की पगडंडी के सहारे करते थे नदी पार

by | Feb 3, 2022 | पालघर, महाराष्ट्र

पालघर के मोखाडा तालुका सावर्डे गांव के आदिवासियों को अब अपनी अपनी जान जोखिम नहीं डालनी पड़ेगी।महाराष्ट्र के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे के प्रयासों से यहां की नदी पर लोगों के लिए पैदल चलने के लिए जल्द ही ब्रिज बनाया जाएगा।

 पालघर के पालक मंत्री दादाजी भूसे ने 15 लाख की निधि से गांव में वैतरना नदी पर जल्द से जल्द लोगों के लिए 15 मीटर का पैदल ब्रिज बनाने के आदेश जिला प्रशासन को दिए है। सावर्डे गांव की वैतरना नदी पर बनने वाला यह ब्रिज शाहपुर तालुका के गांवों को मोखाडा के गांवों से सीधा जोड़ेगा।

वर्षो से जान जोखिम डालकर सफर तय कर रहे थे लोग

सावर्डे गांव की करीब डेढ़ हजार की आबादी है। और यहां के लोगों को अपने जरूरी कार्यो के लिए शाहपुर और मुंबई जाना पड़ता है। गांव के बगल से वैतरना नामक नदी बहती है। नदी के उस पर जाने के लिए बूढ़े, बच्चे,महिलाये,छात्र एक लकड़ी  की पगडंडी के सहारे जान जोखिम में डालकर वर्षो से सफर करते रहे है। नदी में गिरने से अब जहां कई लोगों ने अपनी जान गवाई है। तो वही सैकड़ो पशुओं की भी नदी में गिरने से मौत हो गई है। नदी में ब्रिज बनने से यहां के लोगों को  लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। और वह बिना किसी जोखिम के अपनी मंजिल तय करेंगे।

जनजातीय बहुल मोखाडा में आजादी के 75 सालों बाद भी मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। सावर्डे गांव के लोगों की समस्या तो पहले भी विधायको और सांसदों तक पहुँची थी,लेकिन ग्रामीणों को समस्या से मुक्ति नही मिली। ऐसे में इस गांव की समस्या राज्य के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे तक पहुँची। ठाकरे ने लोगों की समस्या को गंभीरता से लिया और पालघर के पालक मंत्री दादाजी भूसे से कहा कि वह तत्काल पैदल ब्रिज के निर्माण के लिए आवश्यक कदम उठाए।

पालघर के पालक मंत्री दादाजी भूसे ने कहा कि मोखाडा के सावर्डे गांव और आस-पास के ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए जिला नियोजन समिति से 15 लाख की निधि दी गई है। पैदल जाने के लिए यहां जल्द ही लोहे का एक ब्रिज बनाया जाएगा। जिससे लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करने से मुक्ति मिलेगी। ब्रिज बनने से पालघर के मोखाडा और ठाणे के शाहपुर तालुका के लोगों को आने-जाने में बड़ी राहत मिलेगी। इस पुल से ग्रामीण सुरक्षित रूप से नदी पार कर सकेंगे। 

सावर्डे-दापोरा एक किमी का कच्चा मार्ग है। ग्रामीण इस सड़क का उपयोग ठाणे जिले के दापोरा के रास्ते कसारा पहुंचने के लिए करते हैं। पालघर और ठाणे जिले की सीमा से इस सड़क पर वैतरना नदी बहती है। नदी का जल प्रवाह का वेग बहुत अधिक होता है। जो बरसात में और बढ़ जाता है। आस-पास के गांवों में रहने वाले 15 से ज्यादा लोगों की अब तक नदी में गिरकर मौत हो गई है। हादसों को रोकने के लिए इस पर ब्रिज का बनाना जरूरी था। आदित्य ठाकरे के प्रयासों से बन रहा ब्रिज गांव के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
◆ हनुमंत पादीर सरपंच-सावर्डे-मोखाडा

ब्रिज का टेंडर जल्द जारी कर सावर्डे गांव में वैतरना नदी पर महीने भर के अंदर ब्रिज का निमार्ण करवाया जाएगा। जिससे पालघर का सावर्डे गांव ठाणे के शाहपुर तालुका से सीधा जुड़ जाएगा। और यहां के लोगों की आवाजाही में होने दिक्कत दूर हो जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में अगर ऐसी ही परेशानी किसी और गांव में भी हो रही है,तो जानकारी मिलने के बाद वहां भी ब्रिज का निर्माण करवाया जाएगा।
◆ डॉक्टर माणिक गुरसल-जिलाधिकारी पालघर

यह न्यूज जरूर पढे