बोईसर | NGT ने एमआईडीसी व एमपीसीबी को लगाई कड़ी फटकार,सौ कंपनियों सहित कुल 280 करोड़ का ठोका जुर्माना,स्वास्थ्य और पर्यावरण सरंक्षण के लिए होगा खर्च

by | Jan 30, 2022 | पालघर, महाराष्ट्र

नई दिल्ली : राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने पालघर जिले के तारापुर औधोगिक क्षेत्र की लगभग सौ कंपनियों को कुल मिलाकर 280 करोड़ रुपये मुआवजा भुगतान करने का आदेश दिया है।

एनजीटी ने यह जुर्माना MIDC क्षेत्र व आसपास क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों द्वारा अपशिष्ट छोड़ने से जलाशयों को प्रदूषित करने के लिए पर्यावरण मुआवजे के तौर पर उक्त राशि देने का आदेश किया है। NGT द्वारा जारी 24 जनवरी के आदेश में लोगो की जान खतरे में डालने के लिए सम्बंधित सभी विभागों को लापरवाही बरतने के लिए कड़ी फटकार लगाई ।

एनजीटी ने कहा कि कार्रवाई नहीं किये जाने के कारण कंपनियों को कानून का उल्लंघन करने का प्रोत्साहन मिला। ईडी भी धन शोधन निवारण कानून के तहत सीमित दायरे में कार्रवाई कर रही थी जबकि 2013 के संशोधन के बाद इस कानून का दायरा काफी हद तक बढ़ गया है।

महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) के अधिकारियों को घोर लापरवाही के लिए कड़ी फटकार लगाते हुए NGT ने कहा कि महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) ने भी पाइपलाइन की नियमित सफाई नहीं की जिससे प्रदूषण में वृद्धि हुई। इन कंपनियों के अलावा एनजीटी ने तारापुर पर्यावरण सुरक्षा सोसाइटी के केंद्रीकृत ‘ट्रीटमेंट प्लांट’ को भी 91.79 करोड़ रुपए मुआवजा अदा करने का भी आदेश दिया है।

इसके अलावा राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने एमआईडीसी को भी दो करोड़ रुपये अदा करने का आदेश दिया। मुआवजे की राशि तीन महीने के भीतर MPCB को सौंपी जाएगी। एनजीटी ने कहा कि इस राशि का उपयोग एक समिति के दिशा निर्देशों के तहत, क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए किया जाएगा।

NGT ने अखिल भारतीय मांगेला समाज परिषद की ओर से दायर शिकायत पर 500 पन्नों में आदेश जारी किया। NGT के कड़े आदेश व सम्बंधित विभागों की लापरवाही के चलते कड़ी फटकार के बाद अब आगे तारापुर औधोगिक क्षेत्र की इकाइयां बाज आएगी या नही? इस सवाल का जवाब तो आने वाले समय मे मिलेगा ।

इसमें सबसे पहले हमारी मांग यह है की, जो भ्रष्ट अधिकारी हैं। सबसे पहले इनसे दो करोड़ रुपये जुर्माना वसूला जाए।
कुंदन दवणे – अखिल भारतीय मांगेला समाज परिषद, कार्यकारणी सदस्य

यह न्यूज जरूर पढे