मोदी की सुरक्षा में चूक नही यह एक योजनाबद्ध साजिश : 16 पूर्व डीजीपी सहित 27 पूर्व IPS अधिकारियों ने राष्ट्रपति को पत्र लिख की तुरंत कार्रवाई की माँग

by | Jan 7, 2022 | देश/विदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक पर पूर्व आईपीएस अधिकारियों ने कहा कि इतिहास में ऐसा पहली बार है, जब एजेंसियाँ बहाने बना रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के पंजाब दौरे के दौरान उनकी सुरक्षा में पंजाब सरकार द्वारा बरती गई लापरवाही के मामले में अब 16 पूर्व DGP समेत 27 पूर्व IPS अधिकारियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) को पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई का अनुरोध किया है। इन अधिकारियों ने पंजाब की कॉन्ग्रेस सरकार (Punjab Congress Government) की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए इस घटना को योजनाबद्ध तरीके से की गई साजिश करार दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पत्र में अधिकारियों ने लिखा है कि पंजाब में चुनाव होने हैं, ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले भय रहित वातावरण बेहद आवश्यक है। पूर्व अधिकारियों के मुताबिक, पंजाब एक बॉर्डर स्टेट है, इसलिए फ्री एंड फेयर इलेक्शन के लिए एक्शन लेना आवश्यक है। अधिकारियों ने राष्ट्रपति के अलावा पत्र की एक कॉपी को सुप्रीम कोर्ट को भी भेजा है।

अधिकारियों ने पीएम मोदी की सुरक्षा में लापरवाही के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को दोषी माना है। इन्होंने पत्र में लिखा है कि मीडिया रिपोर्टों से स्पष्ट पता चलता है कि यह घटना राज्य सरकार की लापरवाही समेत राज्य के पदाधिकारियों की इसमें संलिप्तता को भी उजागर करती है। पूर्व IPS अधिकारियों के मुताबिक, जिन लोगों को PM की सुरक्षा व्यवस्था के लिए नियोजित किया गया था वो पीएम के वैकल्पिक रूट को जानते थे। न कोई प्रोटोकाल का पालन,काफिले में राज्य सचिव व DGP भी नदारद ये बहुत बड़ी साजिश हो सकती है । कुछ वीडियो सामने आए जिसमे प्रदर्शनकारियो के हाथ मे लाठियां भी थी,किसी मे वो बता रहे है हमे पुलिस ने जानकारी दी थी । जब फ्लाईओवर पर 20 मिनट फंसे उसके बाद जब वापस जाने का फैसला हुआ तो उसमे भी बड़ी लापरवाही सामने आई । ये सभी पूरे वाकये को संदेह के घेरे में खड़ा करता है ।

पत्र में इस बात का भी उल्लेख है कि जिस वक्त खुली सड़क पर प्रधानमंत्री का काफिला 20 मिनट तक बेबस और लाचार मुद्रा में खड़ा था, उस दौरान पंजाब पुलिस के जवान और अधिकारी प्रदर्शनकारियों के साथ चाय का लुत्फ ले रहे थे। ये उनके इरादों को साफ बयान करता है। इसके अलावा, मीडिया रिपोर्टों और वीडियो से साफ पता चलता है कि उस वक्त वहाँ पर पंजाब पुलिस का कोई सीनियर अधिकारी मौजूद नहीं था।

पूर्व IPS अधिकारियों ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा कि वे उन्हें ये पत्र इसलिए लिख रहे है, क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ है कि पीएम की सुरक्षा में चूक के मामले में राज्य की एजेंसियाँ बहाने बना रही हैं। इसके साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री भी विरोधाभासी बयान दे रहे हैं।

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