मैं भी अपने नन्हे से पंखों के भरोसे,आसमान में उड़ान भरुंगी

by | Jan 6, 2022 | उत्तर प्रदेश

शीर्षक -उड़ान

मैं भी अपने नन्हे से पंखों के भरोसे,
आसमान में उड़ान भरुंगी।
आंखों के हंसी ख्वाबों को,
मैं हौंसलों में कैद कर लूंगी।
आसमां से कुछ रंग चुरा कर,
मैं अपने जीवन में रंग भर लूंगी।
उड़ान भरते समय गर तूफान कोई आए,
तो मै उस तूफान का रुख मोड़ दूंगी।
आसमा की जैसे कोई सीमा नहीं होती,
वैसे ही अब मैं भी सारी बंदिशे तोड दूंगी।
मैं अपने सिमटे से पंखों को,
खुली हवा में अब खोल दूंगी।
स्वरचित
एकता शर्मा

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