पालघर-टीकाकरण को लेकर जागरूक करने के लिए आश्रम शाला स्कूल के हजारों आदिवासी छात्रों ने माता पिता को भेजा पोस्टकार्ड पर संदेश

by | Jan 1, 2022 | पालघर, महाराष्ट्र

पालघर के जनजातीय क्षेत्रों में कई भ्रांतियों के कारण आज भी टीकाकरण की गति को बढ़ाना प्रशासन के लिए एक चुनौती बनी हुई है। अब टीकाकरण की गति को बढ़ाने के लिए एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प की ओर से संचालित आश्रम स्कूलों (बोर्डिंग स्कूल) में पढ़ने वाले 5 वी से 12 वी तक के आदिवासी छात्र-छात्राओं ने एक अनूठी पहल करते हुए अपने माता-पिता को कोविड-19 टीकाकरण को लेकर जागरूक करने के लिए पोस्टकार्ड पर लिखे संदेश भेजकर अपील की है,कि आप हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है इसलिए टीकाकरण अवश्य करवाये। साथ ही सामाजिक दूरी का पालन करते हुए मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग करें।

जिले के करीब 40 आश्रम स्कूलों के लगभग 10 हजार से ज्यादा आदिवासी छात्रों ने 50 पैसे के पोस्टकार्ड पर अपने माता-पिता को संदेश लिखा, चलो टीकाकरण करवाएं और कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकें। जिले में कुल 103 आदिवासी आश्रम स्कूल है।सभी आश्रम स्कूल के छात्र अपने परिजनों को ऐसे ही पोस्टकार्ड पर लिखे संदेश भेजकर टीका लगवाने की अपील कर रहे है।

दहानू की एसडीएम और आदिवासी विकास प्रकल्प की परियोजना अधिकारी आशिमा मित्तल ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान यह अपनी तरह का राज्य का पहला मामला है जिसमें आदिवासी छात्रों ने अपने माता-पिता को पत्र लिखकर टीकाकरण के लिए जागरूक कर टीका लेने की भावनात्मक अपील कर रहे है। आशिमा मित्तल ने कहा कि जनजतीय क्षेत्रो में कुछ भ्रांतियों के कारण टीकाकरण की गति कम है।  पालघर के जिलाधिकारी डॉ. माणिक गुरसल ने टीकाकरण की गति बढ़ाने के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाने की सलाह दी थी। जिसके बाद छात्रों ने अभिभावकों से कोरोना का टीका लगवाने की अपील की है। मित्तल ने उम्मीद जताई कि इस पहल से जनजातीय क्षेत्रों के लोगों में टीकाकरण के प्रति जागरूकता पैदा होगी और टीकाकरण की गति भी बढ़ेगी।

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