पालघर के एक मामले की सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा ; फिजिकल रिलेशन के बाद शादी से इनकार धोखाधड़ी नही

by | Dec 21, 2021 | पालघर, महाराष्ट्र, मुंबई

बॉम्बे हाई कोर्ट ने निचली अदालत की ओर से एक युवक को दोषी ठहराए जाने के फैसले को पलटते हुए कहा है की फिजिकल रिलेशन के बाद शादी से इनकार करना धोखाधड़ी नही है.
पालघर के एक मामले में प्रेमिका ने अपने प्रेमी पर शादी का वादा कर उससे फिजिकल रिलेशन बनाने और बाद में वादे से मुकर जाने का आरोप लगाया है. पालघर में रहने वाले युवक के खिलाफ पुलिस ने धारा 376 और 417 के तहत बलात्कार और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था. इस मामले में 19 फरवरी 1999 करे अतिरिक्‍त सेशन जज ने काशीनाथ को रेप के आरोप में तो बरी कर दिया था लेकिन धोखाधड़ी में दोषी पाया था.

निचली अदालत ने पालघर के निवासी काशीनाथ घरात को तीन साल तक शादी का वादाकर प्रेमिका से संबंध बनाने पर फिर मुकर जाने के आरोप में 1 साल की कड़ी सजा सुनाई थी. आरोपी ने इस आदेश को बॉम्‍बे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. इस मामले की सुनवाई करते हुए अब जस्टिस अनुजा प्रभुदेसाई की सिंगल बेंच ने उसे धोखाधड़ी के आरोप से भी मुक्त कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि सभी तथ्‍यों को गौर करने के बाद यह पता चलता है कि महिला और आरोपी के बीच तीन साल से रिश्‍ता था और फिजिकल रिलेशनशिप में भी थे. कोर्ट ने कहा महिला के बयानों से यह साबित नहीं होता है कि वह किसी तरह के धोखे में रखी गई थी.

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