नीना गुप्ता ने गणित में विश्व को भारत का लोहा मनवाया

by | Dec 17, 2021 | उत्तर प्रदेश, देश/विदेश


डॉ.कामता नाथ सिंह
रायबरेली।नीना गुप्ता रामानुजन अवार्ड से सम्मानित पहली भारतीय महिला बन गई हैं। उन्हें 2021 के रामानुजन अवार्ड से सम्मानित किया गया है। इस बेटी ने दुनियाँ को गणित में भारत का लोहा मनवाया है।यह और बात है कि फिल्मी सितारों की अदाओं पर फिदा, राजनेताओं को भारतीय मेधा का परचम लहराने वाली बेटी के लिये समय नहीं है।


अलजेब्रिक जियोमेट्रो और कम्यूटेटिव अल्जेब्रा में शानदार कार्य के लिए नीना गुप्ता को ‘विकासशील देशों के युवा गणितज्ञों का 2021 डीएसटी-आईसीटीपी-आईएमयू रामानुजन पुरस्कार’ दिया गया है। खास बात यह है कि नीना गुप्ता रामानुजन पुरस्कार जीतने वाली दुनियाँ की तीसरी महिला हैं। यह जानकारी मिनिस्ट्री ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने दी है।नीना को यह पुरस्कार मिलने के बाद इंडियन स्टैटिस्टकल इंस्टीट्यूट का मान और ज्यादा बढ़ गया है क्योंकि अब तक जिन चार भारतीयों को रामानुजम पुरस्कार मिला है उनमें से तीन इसी संस्थान के फैकल्टी मेंबर हैं।


इस पुरस्कार के मिलने से पहले नीना गुप्ता को साल 2019 में शांति स्वरूप भटनागर प्राइज फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी से भी सम्मानित किया जा चुका है। अलजेब्रिक जियोमेट्रो के फील्ड में जैरिस्की कैन्सिलेशन प्राब्लम को सॉल्व करने के लिए उन्हें नेशनल साइंस अकेडमी द्वारा यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। अकादमी ने उनके द्वारा हल किये गए सवाल को ’हाल के वर्षों में कहीं भी किए गए बीजगणितीय ज्यामिति में सर्वश्रेष्ठ कार्य’ बताया है।

यह कठिन सवाल 1949 में ऑस्कर जारिस्की ने प्रस्तुत किया था। वह आधुनिक बीजगणितीय ज्यामिति के सबसे प्रतिष्ठित संस्थापकों में से एक माने जाते थे। नीना गुप्ता कोलकत्ता में जन्मीं और यहीं पलीं बढ़ीं। उन्होंने खालसा हाई स्कूल से अपनी स्कूलिंग पूरी करने के बाद बेथ्यून कॉलेज से बीएससी मैथ्स (एच) की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद नीना ने इन्डियन स्टेटिस्टिकल इंस्टीट्यूट से गणित में मास्टर्स और पीएचडी की डिग्री पाई। समूचे देश को अपनी इस प्रतिभाशाली बेटी पर गर्व है।

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