पालघर के वाडा में 30 साल से ठप्प पड़ा दाहे परियोजना का काम,6 गांवो के किसानों ने जल संसाधन मंत्री को सौपा ज्ञापन

by | Dec 14, 2021 | पालघर, महाराष्ट्र

पालघर के वाडा तालुका के दाहे में मिट्टी के तटबंधका काम किसानों की सूखी भूमि को पानी उपलब्ध कराने के लिए किया गया था। लेकिन पिछले 30 सालों से इसे विभिन्न कारणों से बंद कर दिया गया है।वन विभाग के विरोध के कारण काम ठप हो गया है और छह गांवों के किसानों ने जल संसाधन मंत्री जयंत पाटिल को ज्ञापन सौंपा है। सिंचाई परियोजना दाहे को सूर्यनगर उप-सिंचाई (जल संरक्षण) के उप-मंडल द्वारा 1977 में स्वीकृत किया गया था। इस परियोजना से 124 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी, जिससे आसपास के छह से सात गांवों की पेयजल और सिंचाई की समस्या खत्म हो जाती।

परियोजना पर काम 1979 में शुरू हुआ। लेकिन वन विभाग के विरोध के चलते यह प्रोजेक्ट ठप पड़ा है। इस प्रोजेक्ट पर पिछले 30 साल से 21 लाख 77 हजार रुपए खर्च किए जा चुके हैं। पालघर जल संरक्षण विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रवीण खेड़कर ने बताया कि यह खर्च उपलब्ध होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। दाहे परियोजना का एक हिस्सा वन विभाग क्षेत्र में पड़ता है। इस परियोजना के लिए संपादित वन भूमि का संशोधित बजट तैयार किया गया है। सिंचाई अनुमंडल सूर्यनगर ने जानकारी दी है कि 10 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से 7 करोड़ 17 लाख रुपये वन विभाग को हस्तांतरित करने होंगे। विधायक दौलत दारोडा ने बताया कि दाहे परियोजना तटबंध के अधूरे काम को पूरा करने के लिए मैं कई बार संबंधित अधिकारियों से मिल चुका हूं। फंडिंग के चलते कई सालों से बांध का काम ठप है।

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