पालघर : सरकार के इस फैसले से जिले की 158 स्कूलों समेत राज्य में 3000 से अधिक स्कूले हो सकती है बंद,जानिए क्या है मामला

by | Dec 13, 2021 | ठाणे, पालघर, महाराष्ट्र

महाराष्ट्र सरकार 3,000 से अधिक स्कूलों को बंद करने का फैसला लागू करने वाली है। सरकार के इस कदम से 16,000 से अधिक छात्र जिनमें ज्यादातर आदिवासी हैं वे बुनियादी शिक्षा से वंचित हो जाएंगे।
हालांकि इस फैसले से पहले सरकार ने सुनिश्चित किया है कि उन्‍हें शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत शिक्षा प्रदान की जाएगी इसके लिए निकटतम स्‍कूलों तक पहुंचने के लिए उन्‍हें परिवहन की सुविधा उपलब्‍ध करवायी जाएगी। लेकिन कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह आरटीई अधिनियम का उल्लंघन है, क्योंकि छात्रों को लंबी दूरी तय करनी होगी, जिससे स्कूल छोड़ने की शुल्क बढ़ सकती है।

एक न्यूज रिपोर्ट के अनुसार राज्‍य के कुल 3,073 स्‍कूल ऐसे हैं जहां छात्रों की संख्‍या 10 से भी कम है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले कुल छात्रों में से 16,334 के पास उनके रहने के 3 किमी के दायरे में स्कूल नहीं हैं। उन्हें पास के अन्य स्कूलों में नामांकित किया जाएगा और उन्हें परिवहन की सुविधा प्रदान की जाएगी।

“इस फैसले का पालघर, ठाणे, नासिक, रायगढ़ और अन्य जिलों में आदिवासी समुदायों पर भारी प्रभाव पड़ेगा। पालघर जिले में कुल 158 स्कूल बंद हों जाएंगे जबकि ठाणे जिले में 62 स्कूल, रायगढ़ में 111 स्कूल और नासिक में अधिकतम 405 स्कूल बंद होंगे।

“सरकार का निर्णय आरटीई अधिनियम का उल्लंघन करता है, क्योंकि कई छात्रों को निकटतम स्कूल तक पहुंचने के लिए सात से आठ किलोमीटर की यात्रा करनी होगी। यह निश्चित रूप से राज्य में स्कूल छोड़ने की दर में वृद्धि करेगा। ‘स्कूल नहीं जाने वाले 6 लाख बच्चों को पढ़ाई शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने की बजाय सरकार स्कूलों को बंद कर रही है. इनमें से ज्यादातर स्कूल राज्य के आदिवासी इलाकों में स्थित हैं। सरकार को अपना फैसला वापस लेना चाहिए।”
विवेक पंडित
आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता

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