धर्मांतरण है देशद्रोह,रोकने के लिए सरकार बनाये कानून-काशी शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती

by | Dec 12, 2021 | देश/विदेश, महाराष्ट्र, मुंबई

धर्मेंद्र उपाध्याय

मुंबई।काशी सुमेरु पीठ शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि धर्मांतरण देश द्रोही कदम है।प्रायः संघ विश्व हिंदु परिषद और भाजपा 2014 में कहा करती थी यह देश द्रोही है इस पर तत्काल कानून बनाया जाना चाहिए , प्रतिबंधित होना चाहिए।लेकिन अब सात साल हो गए भाजपा को केंद्र सरकार में पूर्ण बहुमत से सत्ता में राज करते हुए लेकिन सरकार को तीन तलाक की चिंता है लेकिन धर्मांतरण की चिंता नहीं।शंकराचार्य ने कहा कि सरकार को इस महत्वपूर्ण विषय को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एक अध्यादेश जारी करे।आज पूरे देश में गरीबी अशिक्षा,दवा का फायदा और पैसे का प्रलोभन देकर जो धर्मांतरण हो रहा है इसको तत्काल प्रतिबंधित किया जाए।

इसके साथ ही राज्य सरकारें भी इस पर लगाम लगाए। विशेष कर भारत सरकार एक अध्यादेश लाए और अध्या देश लाकर पूरे देश में कानून बनाये। जिससे भारत, भारत बना रहे ।परिणामतः पहला चर्च जब मुम्बई में बना जर्नल करियप्पा ने विरोध किया और गांधी ने कहा यह इंडियन चर्च है।आज उसका परिणाम यह है कि लाखों चर्च भारत में हो गया और जिनकी संख्या 7 करोड़ के लगभग हो गई ,जो देश के लिए मीठा जहर है।यह लोग अनैतिक कृत्यों को बढ़ावा देते है,भारतीय कल्चर में कुवांरी से संतान उत्पन्न नही है।ये नर्सो से संतान उत्पन्न कराकर क्रय-विक्रय करते हैं।जिसका उदहारण झारखंड का राँची और मेघालय का तुरा जिला ,असम के पांच – सात जिले अरुणाचल विभिन्न प्रदेशों में गोवा इसको तत्काल रोका जाना चाहिए।उच्च तरीके से जांच होना चाहिए धर्मांतरण एक तरीके से यंहा के लोगो का ब्रेन वास कराके इस देश के विरुद्ध जो षड्यंत्र हो रहा है इस पर लगाम लगाना चाहिए।

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