“मेड इन अमेठी” AK203 राइफल से दुश्मनों को धूल चटाएंगे जवान,मोदी सरकार ने दी निर्माण की मंजूरी

by | Dec 4, 2021 | उत्तर प्रदेश, लखनऊ

मोदी सरकार आत्मनिर्भर भारत को साकार करने में एक और कदम आगे बढ़ते हुए केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के अमेठी में 5 लाख से अधिक एके-203 असॉल्ट राइफल के विनिर्माण की योजना को मंजूरी दे दी है। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।
यह भी जानकारी सामने आई कि उत्तर प्रदेश भारत का रक्षा विनिर्माण केंद्र बनने के मार्ग पर है। “यह रक्षा अधिग्रहण में खरीद (वैश्विक) से मेक इन इंडिया तक के सफर में लगातार होते बड़े परिवर्तन को दर्शाता है। यह प्रयास रूस के साथ साझेदारी में किया जाएगा और यह रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच गहरी होती साझेदारी को दर्शाता है।”

यह परियोजना विभिन्न सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और अन्य रक्षा उद्योगों को कच्चे माल तथा घटकों की आपूर्ति के लिए व्यावसायिक अवसर प्रदान करेगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

यह राइफल 7.62 X 39 एमएम कैलिबर एके-203 (असॉल्ट कालाश्निकोव-203) राइफल तीन दशक पहले शामिल सेवा में जारी इंसास राइफल की जगह लेंगी।

एके-203 असॉल्ट राइफलें, 300 मीटर की प्रभावी रेंज के साथ, हल्की, मजबूत और प्रमाणित तकनीक के साथ आसानी से उपयोग में लाई जा सकने वाली आधुनिक असॉल्ट राइफल हैं। ये वर्तमान और परिकल्पित अभियान संबंधी चुनौतियों का पर्याप्त रूप से सामना करने के लिए सैनिकों की युद्ध क्षमता को बढ़ाएंगी।

AK-203 असॉल्ट राइफल की बात करें तो ये डील काफी लंबे समय से भारत और रूस के बीच चल रही है. कई स्तर की बातचीत पहले ही हो चुकी हैं, अब जाकर तीनों सेनाओं को AK-203 असॉल्ट राइफल मिलने जा रही हैं. इस डील पर कुल 5000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. लक्ष्य रखा गया है कि अगले दस साल में सेना को 6,01, 427  AK-203 असॉल्ट राइफल मिल जाएंगी. ये भी जानकारी दी गई है कि जो पहली 70 हजार AK-203 असॉल्ट राइफल होंगी, उनमें रूसी कंपोनेंट शामिल होंगे ।

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