एनजीओ के जरिए बांग्लादेश से भारत भेजी लड़कियां,हजारों लड़कियों की खरीद- फरोख्त,पालघर से भी जुड़े रैकेट के तार,सरगना मोमिन गिरफ्तार

by | Nov 25, 2021 | देश/विदेश, पालघर, महाराष्ट्र, मुंबई, वसई विरार

हेडलाइंस18

बांग्लादेशी लड़कियों की तस्करी करने और उनसे देह व्यापार कराने के आरोप इंदौर पुलिस ने तीन महिलाओं समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने मुख्य सरगना विजय दत्त को भी गिरफ्तार किया है. उसका असली नाम मोमिन है और वह फर्जी डॉक्यूमेंट के सहारे अपना नाम बदलकर भारत में रह रहा था. 

आरोप है कि मोमिन उर्फ विजय दत्त हवाला के जरिये पैसे बांग्लादेश भेजता था. आरोपी ने बांग्लादेश और हिंदुस्तान दोनों जगह शादी की थी. बांग्लादेश में आरोपी की पत्नी भी लड़कियों की स्मगलिंग में शामिल है. इस गैंग ने इंदौर, राजगढ़, खण्डवा, खरगोन समेत कई जिलों में हजारों लड़कियों को बहला फुसलाकर वेश्यावृत्ति के काम में लगाया. 

दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक पांच हजार से ज्यादा लड़कियों की खरीद फरोख्त में गिरफ्तार विजय दत्त उर्फ मामनूर उर्फ मामून पत्नी जौशना के जरिए लड़कियां खरीदता था। आरोपित उनके फर्जी आइडी कार्ड तैयार कर देश के विभिन्न शहरों में सक्रीय दलालों के पास भिजवा देता था। पूछ-ताछ में बताया कि उसके करीब 500 दलाल तैयार हो चुके है जिसमें कई शहरों की कमान लड़कियों के हाथों में है।

एसपी के मुताबिक मामून के साथ दलाल उज्जवल ठाकुर, प्रमोद पाटीदार, बबलू उर्फ पलास सरकार,दिलीप सावलानी व रजनी वर्मा, नेहा उर्फ निशा, दीपा और अकिजा को भी गिरफ्तार किया है। पूछ-ताछ में बताया चेन्नई, सूरत और इंदौर में लड़कियां फ्रेंचाइजी के रूप में काम कर रही थी। मामून उर्फ मामनूर बांग्लादेशी है। करीब 25 साल पूर्व बांग्लादेश में साम्प्रदायिक दंगा होने पर कृष्णघाट नादिया (पश्चिम बंगाल) आया और धान के खेतों में काम करने लगा। कुछ साल बाद वह मुंबई पहुंच गया और होटल में नौकरी शुरू कर दी। इसी दौरान देह व्यापार में लिप्त रुबी नामक महिला से परिचय हुआ और दलाली करने लगा। मामून जौशुर बांग्लादेश के दलाल बख्तियार और शबाना के जरिए लड़कियां खरीदने लगा। मामून के साथ दलाल उज्जवल ठाकुर, प्रमोद पाटीदार, बबलू उर्फ पलास सरकार,दिलीप सावलानी व रजनी वर्मा, नेहा उर्फ निशा, दीपा और अकिजा को भी गिरफ्तार किया है।

बांग्लादेश में गरीबी होने से मामून और जौशना 50 से 70 हजार रुपये में लड़की खरीद लेते थे। कुछ ही समय में मामून ने मुंबई, पुणे, पालघर, जयपुर, उदयपुर, बैंगलुरु, हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, चेन्नई, जबलपुर, खंडवा, भोपाल, पीथमपुर, धामनोद, राजगढ़, इंदौर सहित कई शहरों में 500 से ज्यादा दलालों का नेटवर्क तैयार कर लिया। वह दलालों के जरिए फोन पर लड़कियां उपलब्ध करवा देता था कमिशन सीधे उसके खातों में जमा होता था।

एक अखबार की खबर के मुताबिक देह व्यापार से अर्जित कमाई हवाला और हुंडी के माध्यम से बांग्लादेश भिजवाई जा रही थी। मामून सालों से लड़कियां सप्लाय कर रहा था लेकिन हमेशा पर्दे के पीछे ही रहा। आरोपित को पकड़ने के लिए एसआइटी का गठन कर आपरेशन चलाया गया जिसका नाम ‘तलाश’ रखा गया, रैकेट के सरगना को पकड़ने के लिए पुलिस की टीम मुंबई भेजी। टीम ने नालासोपारा क्षेत्र में एक रूम किराये पर ले रखा था। फिलहाल वसई,विरार,मीरा भायंदर कमिश्नर रेट के वरिष्ठ अधिकारी ऐसे किसी भी मामले की जानकारी होने से इनकार किया है।

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