मुंबई 26/11 हमले के मुख्य जांच अधिकारी का चौकाने वाला खुलासा ; 9 आतंकियों के शवों को अज्ञात जगह दफनाया,मुंबई पुलिस को नही लगने दी भनक,45 दिनों तक खाली मॉर्चरी का पुलिस देती रही पहरा

by | Nov 24, 2021 | महाराष्ट्र, मुंबई

मुंबई 26/11 हमले के मुख्य जांच अधिकारी रहे रमेश महाले इस पूरी घटना से जुड़े खुलासे अपनी किताब में करने वाले हैं. तीन भाषाओं अंग्रेजी, मराठी और गुजराती में महाले की इस किताब में ऐसे नई बातें उजागर होंगी जो अब तक दुनिया के सामने नहीं आई हैं.

न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के मुताबिक महाले ने अपनी इस किताब में ऐसी कई गोपनीय बातों का खुलासा किया है जिसकी जानकारी उनके ही विभाग के लोगों को लंबे समय तक नहीं मिली थी. ऐसी ही एक घटना के बारे में महाले ने अपनी किताब में लिखा है कि उनकी टीम के सिपाही करीब 45 दिनों तक खाली मॉर्चरी पर पहरा देते रहे.
महाले ने लिखा है कि, आतंकी हमले में मारे गए 9 आतंकियों को दफनाने के लिए 26 लोगों की एक टीम बनाई गई थी. इस टीम में 25 सिपाही थे. हमले में मारे गए सभी आतंकियों के शवों को रात के समय जेजे हॉस्पिटल से एक वैन के जरिए एक अज्ञात स्थान पर ले जाकर दफना दिया गया. ये पूरा मामला इतना गोपनीय था कि मॉर्चरी पर पहरा दे रहे गार्डों को भी इसकी भनक तक नहीं लगी. इस बात से अनजान मुंबई पुलिस के गार्ड डेढ़ महीने तक खाली मॉर्चरी का पहरा देते रहे. जब तक महाराष्ट्र के तत्कालीन गृहमंत्री आर आर पाटिल ने विधानसभा में इसकी अधिकारिक रुप से घोषणा नहीं कर दी.

कसाब को भी दो दिनों तक मुंबई के सेंट जार्ज हॉस्पिटल में जांच के लिए रखा गया था. इसके बारे में भी पुलिस को कोई जानकारी नहीं लग रही थी. इसके बाद उसे तीन दिन के लिए कंफेशनल कस्टडी के लिए जेल भेज दिया गया. तीन दिनों तक कोर्ट में कसाब के बयान दर्ज किए जाते रहे. इसकी भी मुंबई पुलिस को भनक नहीं थी. कसाब को जब वापस जेल भेज दिया गया. तब इसके बारे में मुंबई पुलिस को जानकारी दे दी गई.

मुंबई हमले पर अलग अलग खुलासे सामने आ रहे है अब ये मुख्य जांच अधिकारी के खुलासे भी कई सवाल खड़े कर रहे है । आखिर जो मुंबई पुलिस इस हमले में डटी रही रही उसी पुलिस से इतना सब कुछ गोपनीय रखना तत्कालीन महाराष्ट्र व केंद्र सरकार को फिर से सवालों के घेरे में खड़ा करती है ।

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