सभी पुराणों में सर्वश्रेष्ठ है श्रीमद्भागवत महापुराण- आचार्य भोलेनाथ शुक्ल

by | Nov 17, 2021 | उत्तर प्रदेश, रायबरेली


डॉ.कामता नाथ सिंह
नसीराबाद,रायबरेली। सीमावर्ती ग्राम मनौती, मंगापुर जनपद प्रताप गढ़ में वरिष्ठ अधिवक्ता लालता प्रसाद तिवारी के निवास पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिवस पर श्रीधाम वृंदावन से पधारे कथाव्यास आचार्य भोलेनाथ शुक्ल जी महाराज ने भागवत में वर्णित विविध प्रसंगों का वर्णन करते हुए राजा परीक्षित के मोक्ष की कथा सुनाते हुए कहा कि शाप के बावजूद राजा परीक्षित को श्रीमद् भागवत कथा सुनने के फलस्वरूप परम पद प्राप्त हुआ। जब तक्षक नाग ने राजा परीक्षित की मृत शरीर को काटा तो शरीर जलकर भस्म हो गई।
यद्यपि होलिका को अग्नि में जल कर नष्ट न होने का वरदान मिला था, लेकिन उस वरदान का दुरुपयोग करने पर प्रहलाद बच गया और वह भस्म हो गई।
उन्होंने कहा कि गुरुमंत्र लेने के संबंध में समाज में तरह-तरह की चर्चाएं होती हैं, लेकिन गृहस्थ को गुरु बनाना सर्वथा उचित है। संत तो भगवान के समान वन्दनीय होता है।
जीवन की सार्थकता तो सत्कर्म एवं धर्म करने में ही है।
विधिविधान से पूजन, अर्चन कराने में कुलगुरु के अलावा तीर्थराज प्रयाग से पधारे यज्ञाचार्य पंडित सिद्धार्थ मिश्रा,पंडित परमानंद त्रिपाठी एवं पंडित गया प्रसाद शुक्ल आदि की सराहनीय भूमिका रही।
इस अवसर पर मुख्य यजमान लालता प्रसाद तिवारी एडवोकेट ने कथा को सफल बनाने में महती भूमिका निभाने वाले सम्माननीय कथाव्यास, वैदिक आचार्यों, संगीतकारों, परिवार के सदस्यों एवं क्षेत्र के कोने-कोने से पधार कर कथा श्रवण करने वाले सम्मानित श्रोताओं के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित किया।
कथा श्रवण करने हेतु पंडित धर्मेंद्र शुक्ल शास्त्री, पं.परशुराम उपाध्याय सुमन अरुण तिवारी, जियालाल, कृष्ण कुमार सिंह, शिव प्रसाद तिवारी, यज्ञ नारायण सिंह, अर्जुन सिंह, यमुना प्रसाद तिवारी, जंत्री प्रसाद पांडे, श्रीमती पंकज सिंह, डॉ सुरेश सिंह, सतीश चंद्र उपाध्याय एडवोकेट, सूर्य नारायण मिश्रा आदि भारी संख्या में क्षेत्र के संभ्रांतजन, महिलाएं व बच्चे उपस्थित रहे।

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