परसदेपुर: प्रभु श्रीराम ने किया दशानन का वध,बुराई पर सच्चाई की हुई जीत

by | Oct 20, 2021 | उत्तर प्रदेश, रायबरेली

राजकुमार

परशदेपुर(रायबरेली) नगर पंचायत परशदेपुर कस्बे के रामलीला मैदान मे चल रही रामलीला में बुधवार को भगवान श्रीराम व लंकापति रावण के बीच महा युद्ध हुआ जिसमे भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण को पराजित असत्य पर विजय का पताका फहराया ।परशदेपुर कस्बे के रामलीला मैदान में चल रही रामलीला के आखिरी दिन शरद पूर्णिमा के दिन बुधवार को रामलीला मे असत्य पर सत्य की बुराई पर अच्छाई की विजय हुई।राक्षस राज लंकापति रावण के वध के साथ ही पाप का अंत हुआ। भगवान श्रीराम ने असत्य पर सत्य की जीत का परचम फहराया। रामलीला में भगवान श्रीराम और लंकापति रावण का किरदार का मंचन कर रहे कलाकारों ने आये हुए दर्शकों को तालिया बटोरी।रावण के हा हा हा के ठहाकों ने जहां दर्शकों के दिल की धड़कन रोक दी। तो वही भगवान श्री राम व लंकापति रावण के युद्ध पर सभी की निगाहे टिकी रही। जैसे ही भगवान श्रीराम व लंकापति रावण के बीच युद्ध शुरू हुआ और युद्ध काफी देर चला भगवान श्रीराम अपनी बाणों से लंकापति रावण का सिर धड़ से कलम कर दिया पर देखते ही देखते सिरो का समूह बढ़ जाता जैसे प्रत्येक लाभ पर लोभ बढ़ता है शत्रु मरता नही और परिश्रम बहुत हुआ तब श्रीरामजी ने विभीषण की ओर देखा ।विभीषण ने रावण की नाभि में बाण चलाने को कहा प्रभु रामचन्द्रजी ने ” खैचि सरासर श्रवन लगि छाडे सर एकतीस ।रघुनायक सायक चले मनहुँ काल फनीस ।। कानो तक धनुष को खीचकर श्री रघुनाथजी ने एकतीस बाण छोड़े बाण ऐसे चले मानो कालसर्प हो ।रावण के गिरते ही पृथ्वी हिल गई समुद्र नदिया चारो दिशाओ के हाथी और पर्वत क्षुब्द हो उठे रावण का धड़ दो टुकड़ो में हो गया ।रावण के मरते ही रामदल में जय जयकार होने लगी देवी देवता आसमान से पुष्प वर्षा करने लगे। रामलीला का यह यह दृश्य देख दर्शक खुशी से झूम उठे। और भगवान श्रीराम की जयकारो की गूंज चारो दिशाओ में गूंज उठी । और बजरंग बली के जयकारों से रामलीला मैदान गूंज उठा । लंकापति रावण के दल में जैसे ही युद्ध में रावण की मौत की खबर पहुची हाहाकार मच गया ।
वही युद्ध में मेघनाथ की मौत के बाद उसकी भुजा जैसे ही लंकापति रावण के महल में गिरता है तो महल में हाहाकार मच गया और सुलोचना कहती है कि” नींद नारि भोजन परि हरई द्वादस बरस ताहि सो मरई।।कहा ऐसा नही हो सकता। और उसके बाद मेघनाथ का कटा सिर रामदल के कब्जे से सुलोचना मार्मिक ढंग से मांग कर लाती हैं और अपने पति के सिर के साथ चिता पर बैठकर सती हो जाती है । रामलीला में मेघनाथ का कटा शीश और उसके हंसने का दृश्य आकर्षण का केन्द्र रहा ।रामलीला देखने के लिए क्षेत्र के आस-पास के ही नही दूसरे जनपद से भी लोग आते है।
रामलीला मे राम की भूमिका शिवम् दीक्षित ,लक्ष्मण की जय दीप मिश्रा ,सीता की ओम मिश्रा ,हनुमान की भूमिका उमेश मिश्रा, रावण आशीष मिश्रा, मेघनाद अजय पाण्डेय , नारद दयाशंकर , तथा कुंभकरण की भूमिका विशेष मिश्रा व सुलोचना की भूमीका पियूष मिश्रा विभीषण रामकिशुन ने निभाई।वही रामलीला कमेटी अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा ने बताया की कोविड 19 का पालन करते हुए रामलीला का मंचन किया गया।इस मौके पर अशोक कोरी नगर पंचायत अध्यक्ष विनोद कुमार कौशल ,ओमप्रकास मौर्या , महेश विश्वकर्मा , रिंकू मिश्रा, मनोज मोदनवाल चन्दन मोदनवाल बब्बन यादव आदि लोग मौजूद रहे।
नगर पंचायत अध्यक्ष विनोद कुमार कौशल ने बताया कि मेले में साफ सफाई चूना का छिड़काव व पानी पीने के लिए पानी टैंकर रखवाया गया जिससे आने वाले दर्शको को दिक्कते न हो ।
रामलीला मेले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे।डीह एस ओ रवीन्द्र सोनकर ने बताया की सुरक्षा के मद्देनजर 6 थानो की पुलिस के साथ पी ए सी व पुलिस फ़ोर्स तैनात किये गए है। चौकी इंचार्ज पंकज राज शरद ने बताया की मेले की सुरक्षा में महिला सिपाही सहित पुलिस फोर्स तैनात रही।

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