पालघर:सरकार का बड़ा निर्णय,सुपर स्पेशलिटी मे परिवर्तित होंगे अस्पताल,ये अत्याधुनिक सुविधाएं यहां होंगी उपलब्ध

by | Sep 24, 2021 | ठाणे, पालघर, महाराष्ट्र, वसई विरार

राज्य के शहरी विकास मंत्री एवं ठाणे जिले के प्रभारी मंत्री एकनाथ शिंदे कहा है कि जनस्वास्थ्य विभाग ने जिला सामान्य अस्पताल को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में बदलने की मंजूरी दी है, जो अस्पताल की क्षमता को तीन गुना कर देगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा कैंसर, हृदय रोग, मस्तिष्क संबंधी बीमारियों, श्वसन संबंधी रोगों के इलाज के लिए न्यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और डायलिसिस जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी यहां उपलब्ध होंगी।

ठाणे जिला सामान्य अस्पताल की वर्तमान क्षमता 300 बिस्तरों की है। ठाणे और आसपास के जिलों से लाखों गरीब मरीज इसी अस्पताल पर निर्भर हैं, जिससे मरीजों को परेशानी होती है। सड़क हादसों में इलाज की तत्काल आवश्यकता वाले मरीजों को मुंबई भेजना पड़ता है, क्योंकि यहां उनका इलाज संभव नहीं है। ऐसे मरीजों के तत्काल इलाज के अभाव में ठगे जाने की आशंका अधिक रहती है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से बदलने की मंजूदी दी गई है। उन्होंने बताया कि जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से 22 सितंबर को यह आदेश जारी किया गया है।

इस संबंध में इस प्रस्ताव को तब बल मिला जब एकनाथ शिंदे कुछ समय के लिए स्वास्थ्य मंत्री भी थे। ठाणे और पालघर दोनों जिलों में मरीजों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए इस सुपरस्पेशलिटी अस्पताल की क्षमता और प्रारूप तय किया गया। फलस्वरूप मौजूदा 300 बिस्तरों को तिनगुना यानी 900 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में परिवर्तित कर दिया जाएगा। इसमें 500 बिस्तरों वाला एक सामान्य अस्पताल, 200 बिस्तरों वाला एक महिला एवं बच्चों का अस्पताल और 200 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं वाला अस्पताल होगा।

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में न्यूरोलॉजी (50 बेड), ऑन्कोलॉजी एवं ओंको सर्जरी सेक्शन (50 बेड), कार्डियोलॉजी एवं कार्डियो वैस्कुलर सेक्शन (70 बेड) और नेफ्रोलॉजी एवं डायलिसिस सेक्शन (30 बेड) जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं होंगी। मंत्री शिंदे ने कहा कि खासतौर पर सड़क हादसों में घायल हुए लोगों को अब इलाज के लिए मुंबई भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

यह न्यूज जरूर पढे