भिवंडी : युवक कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार के विरुद्ध किया प्रदर्शन

by | Sep 10, 2020 | ठाणे

युवकों को प्रति वर्ष 2 करोड़  रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर मोदी सरकार सत्ता में आई परंतु परिस्थिति  इसके विपरीत,युवक कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार के विरुद्ध किया प्रदर्शन

  ● संजय दुबे | हेडलाइंस18 नेटवर्क

भिवंडी : केंद्र सरकार की असफलताओं के विरोध में महाराष्ट्र प्रदेश युवक कांग्रेस के अध्यक्ष सत्यजीत दादा तांबे के आदेशानुसार रोज़गार के मुद्दे पर  आज भिवंडी युवक कांग्रेस अध्यक्ष अराफ़ात खान व पश्चिम यूथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल छगन पाटील ने भिवंडी कांग्रेस पार्टी के मध्यवर्ती कार्यालय  से प्रांत कार्यालय तक मोर्चा निकाल कर  प्रांताधिकारी डॉ मोहन नलदकर को ज्ञापन प्रस्तुत किया । इस अवसर पर युवक कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष बृज किशोर दत्त , युवक कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव रिषिका राका,  भिवंडी कांग्रेस  अध्यक्ष शोएब गुड्डू , इक़बाल सिद्दीक़ी,डॉक्टर नीलेश जेडगे , अश्विन वर्मा , अयाज़ अंसारी , हुजैफ अंसारी , ज़ुबैर अंसारी , अनस अंसारी, सर्वजीत सिंह , वसंत मारुति आदि  उपस्थित थे। 

  उक्त संदर्भ में युवक कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा कि नोटबंदी के कारण  भारत में  सबसे अधिक  रोजगार उपलब्ध कराने वाली कृषी व  सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्योग क्षेत्र को बडा  नुकसान  उठाना पड़ा है,परिणाम स्वरूप  करोडों रोजगार नष्ट हो गए हैं जिसमें वस्तू सेवा करना (GST) गलत नीति के कारण  कुटीर- लघु-मध्यम क्षेत्र एवं  उद्योग-धंधों की कमर टूट गई है परिणाम स्वरुप बेरोजगारी बड़े पैमाने पर बढी है, सरकार के  भारतीय सांख्यिकीय आयोग   (NSC) के  

अहवाल के अनुसार देश में  2017-18  के वर्ष में बेरोजगारी की दर 6.1  प्रतिशत बढी है तथा ग्रामीण भाग में  बेरोजगारी की दर 5.3  प्रतिशत होती थी जो शहरी भाग में 7.8  प्रतिशत रह गई है,इसी प्रकार युवकों की  बेरोजगारी दर सर्वाधिक,यानी 13  से 27 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। 
इसके बाद  कोरोना महामारी के समय में कोई  नियोजन न करते  हुए लॉकडाउन के कारण  12 से 13 करोड लोग बेरोजगार  हो गई है  इस प्रकार की जानकारी  CMIE  का  निरीक्षण  प्रकाश में आया है । उक्त परिवारों का रोजगार बिना जीना  मुश्किल हो गया है प्रधानमंत्री  मोदी  की मनमानी  व गलत नीति के कारण  देश की अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो गई है ।जबकि गत दिनों  भारत के सकल राष्ट्रीय उत्पादन अर्थात जीडीपी दर खिसक कर अप्रैल से जून तिमाही में शून्य से नीचे खिसक कर 13.9 प्रतिशत हो गई है इस प्रकार  का मामला प्रकाश में आया है।   

इस प्रकार प्रधानमंत्री मोदी  राज्यों  को  विश्वास में  न लेकर भारतीय संविधान का पालन न करते हुए  संघराज्यीय रचना का आदर न करके  राज्य से  योग्य विचार विमर्श न  करते हुए मनमाना  कार्यभार चला रहे हैं,इसी प्रकार  अंतिम सत्र की परीक्षा हो, NEET -JEE  परीक्षा का निर्णय हो वा राज्यों को जीएसटी में लिये गये  कर कर का वितरण हो .जीएसटीचा योग्य के अनुसार  वितरण न करने से  राज्यों की आर्थिक स्थिति  दयनीय है । इसलिए  केंद्र सरकार  कोरोना  महामारी के समय  राज्यों को आर्थिक मदद करके सक्षम करना चाहिए , उद्योग-धंधों को नकद आर्थिक पॅकेज दिया जाना चाहिये  जिससे  रोजगार का अवसर उपलब्ध होगा । इसी प्रकार  प्रधानमंत्री मोदी ने सभी प्रति वर्ष   2 करोड रोजगार उपलब्ध कराने का  आश्वासन दिया था इसलिए रोजगार उपलब्ध कराने पर  ध्यान  दिया जाना चाहिये,कारण यह है कि युवक  निराश हो गए हैं, आत्महत्याओं का प्रमाण बढ़ रहा है। केंद्र सरकार ने रोजगार उपलब्ध कराने के लिए  स्वयं की जवाबदारी को दरकिनार कर रहे हैं जो नहीं चलेगी ,इसलिए मोदी सरकार से हमारी एक ही  मांग है , रोजगार दो ।

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