कांग्रेस वो जमींदार जो हवेली तक न बचा सकी- शरद पवार

by | Sep 10, 2021 | देश/विदेश, महाराष्ट्र, मुंबई

सोनिया गांधी की मुखालफत में 22 साल पहले कांग्रेस छोड़ने वाले शरद पवार ने बेहद सटीक टिप्‍पणी की है। पवार ने साफ कहा कि कांग्रेस को स्‍वीकार कर लेना चाहिए कि उसका वैसा दबदबा नहीं रह गया है। पवार ने कांग्रेस और जमींदारों की तुलना करके जो बात कही, वह सोनिया गांधी और राहुल को बुरी जरूर लग सकती है मगर है एकदम सच। पवार जो कह रहे हैं, दबी जुबान से कई कांग्रेसियों ने भी वही कहा है। देखना यह है कि कांग्रेस आलाकमान इस बात पर गौर करते हुए ऐक्‍शन में कब आता है।

एनबीटी के मुताबिक पवार ने आगे कहा देश पर दशकों तक राज करने वाली कांग्रेस आज महज तीन राज्‍यों में अपने बूते सत्‍ता में है। उन तीन राज्‍यों में भी पार्टी आंतरिक कलह से जूझ रही है। कांग्रेस को सबसे बड़ा खतरा बीजेपी से नहीं, जो ‘कांग्रेस मुक्‍त भारत’ की बात करती है। कांग्रेस को खतरा अपने भीतर चल रही लड़ाई से है। राज्‍य बदल जाता है मगर स्क्रिप्‍ट वही रहती है। कांग्रेस बनाम कांग्रेस की एक ऐसी लड़ाई जो पार्टी के अस्तित्‍व को ही खतरे में डाल रही है। शायद लगातार दो लोकसभा चुनाव और कई महत्‍वूपर्ण विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार ने नेतृत्‍व का संकट पैदा कर दिया है। पिछले दो साल से कांग्रेस के पास पूर्णकालिक अध्‍यक्ष तक नहीं है। राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता ने एक मीडिया ग्रुप के कार्यक्रम में कांग्रेस पर यह टिप्‍पणी की। पवार से कांग्रेस नेतृत्‍व को लेकर सवाल पूछा गया था, जवाब में पवार ने एक किस्‍सा सुनाया।

पवार ने कहा कि मैंने उत्तर प्रदेश के जमींदारों के बारे में एक कहानी सुनाई थी जिनके पास काफी जमीन और बड़ी हवेलियां हुआ करती थीं। लैंड सीलिंग ऐक्ट के कारण उनकी जमीन कम हो गई। हवेलियां बनी रहीं लेकिन उनके रखरखाव व मरम्मत की क्षमता (जमींदारों की) नहीं रही। उनकी कृषि से होने वाली आय भी पहले जैसी नहीं थी। कई हजार एकड़ से सिमटकर उनकी जमीन 15-20 एकड़ रह गई। जमींदार जब सुबह उठा, उसने आसपास के हरे-भरे खेतों को देखा और कहा कि सारी जमीन जो है, वो कभी उसकी थी लेकिन अब नहीं है।

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