मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कोपर पुल का किया लोकार्पण, समारोह में शिवसेना-भाजपा नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप

by | Sep 7, 2021 | ठाणे, महाराष्ट्र

मिथिलेश गुप्ता
डोंबिवली : लंबे समय से प्रतीक्षित कोपर पुल का उद्घाटन समारोह आज मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुआ. शिवसेना-भाजपा नेताओं के आरोपों और प्रत्यारोपो से समारोह में एक अलग रंग देखने को मिला. दोनों पार्टियों के नेताओं ने एक-दूसरे पर जुबानी हमला करने का मौका नहीं छोड़ा.

समारोह डोंबिवली के सावित्रीबाई फुले रंगमंदिर में आयोजित किया गया था. लेकिन स्थानीय भाजपा विधायक रवींद्र चव्हाण और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस हो गई. विधायक रवींद्र चव्हाण और पुलिस अधिकारी में कहासुनी हो गई। जिस पर विधायक रवींद्र चव्हाण ने कहा, ‘मैं एक मराठा हूं, यहां जो भी हुआ है मैं चुकता करूंगा. इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रवींद्र चव्हाण को समझाने की कोशिश की, लेकिन उसके बाद चव्हाण ने कहा कि वह अपने भाषण में जो कहना चाहते हैं, कहेंगे.

भाजपा और शिवसेना के कार्यकर्ता आमने-सामने

विभिन्न विकास कार्यों के ऑनलाइन समारोह में भाजपा और शिवसेना के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए. भाजपा विधायक रवींद्र चव्हाण अपने कई कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम स्थल पर नारेबाजी करते हुए पहुंचे. शिवसेना और भाजपा कार्यकर्ताओं की इस नारेबाजी से समारोह का माहौल ही बदल गया. इससे हॉल में वातावरण बदल गया। उस समय सांसद श्रीकांत शिंदे और रवींद्र चव्हाण ने हस्तक्षेप किया और भाजपा कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील की.

रवींद्र चव्हाण का भाषण-

अपने भाषण के दौरान, रवींद्र चव्हाण ने सत्तारूढ़ शिवसेना पर जमकर बरसे. “मैं डोंबिवली के लोगों की शिकायतों और व्यथा सुनाने की कोशिश करूंगा. उद्धवजी बाबूगिरी का बहुत गुस्सा हैं, लेकिन कुछ बाबू बार-बार वही काम कर रहे हैं. राज्य बूचड़खानों के नवीनीकरण के लिए भुगतान कर रहा है लेकिन वैदिक स्कूलों के लिए नहीं. मुख्यमंत्री को डोंबिवली से प्यार है। आपके मन में इस शहर का सम्मान है. देवेंद्र फडणवीस ने इस शहर के लिए 472 करोड़ रुपये दिए. मुख्यमंत्री को पालकमंत्री शिंदे को भी डोंबिवली से प्यार करने के लिए कहना चाहिए. कल्याण में प्राकृतिक प्रवाह बंद हैं, नितिन गडकरी को फोन करके बताओ. कल्याण शिल रोड के टुकड़े-टुकड़े में काम चल रहा है. यह आलोचना नहीं है, यह दुख है. आपको इन सब पर ध्यान देना होगा विभिन्न विषयों का उल्लेख किया जा सकता है, हमने गठबंधन कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय नहीं किया है ऐसा कहते हुए मुख्यमंत्री के सामने रविंद्र चव्हाण ने समस्याओ का पहाड़ा पड़ा.

एकनाथ शिंदे का जवाब –

डोंबिवली के लोगों को इस पुल का महत्व समझाने की जरूरत नहीं है, आज का दिन उनके लिए महत्वपूर्ण है. श्री चव्हाण को देखना चाहिए कि एक क्षेत्र के लिए 472 करोड़ रुपये खर्च किए बिना पूरे शहर को इसका लाभ कैसे मिल सकता है. हमें परिस्थिति के अनुसार बदलना होगा. अगर कोई समस्या है तो आप मुझसे कभी भी बात कर सकते हैं. आपका और हमारा रिश्ता खराब नहीं है. कचरा कर मोदी साहब का फैसला है, इसे देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में लागू किया था. हम आपसे 10 गुना ज्यादा घोषणाबाजी कर सकते हैं इसके लिए हमें अलग तरह से बताने की जरूरत नहीं है. जनता के पैसे का इस्तेमाल लोगों के काम के लिए है. अगर लड़ना है तो कोविड से लड़ना होगा. जब हम उन अपराधियों का समर्थन करना शुरू कर देंगे जिनके खिलाफ अपराध हैं,उन्हें डर नही होगा, अपराधियों को कानून से डरना ही चाहिए. एकनाथ शिंदे ने रवींद्र चव्हाण को जवाब देते हुए कहा कि बालासाहेब ने हमें श्रेयवाद के लिए लड़ना नहीं सिखाया हैं.

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