लॉकडाउन में बेरोजगार हुए व्यक्ति को महावितरण ने थमा दिया 80 हजार का बिल,पत्नी के गहने गिरवी रख भरना पड़ा बिल…फिर भी घर मे अंधेरा

by | Aug 2, 2021 | ठाणे, महाराष्ट्र

मिथिलेश गुप्ता
डोंबिवली : डोंबिवली पश्चिम निवासी रोहन गायकवाड़ की लॉक डाउन में नौकरी चली गई। इसलिए, महावितरण के बिजली बिल का भुगतान नहीं कर सके, महावितरण से अनुरोध करने के बाद भी, उनका बिजली कनेक्शन काट दिया गया है। आज आखिरकार उसने अपनी पत्नी के जेवर गिरवी रख के 40,000 रुपये का बिजली बिल भुगतान कर दिया है। उन्होंने इस संबंध में महावितरण को एक पत्र भी दिया था। उन्होंने मांग की है कि 2016-17 में आई नव प्रकाश योजना को फिर से शुरू किया जाए ताकि नागरिकों को राहत मिले.

इस बारे में रोहन गायकवाड़ ने बताया कि मुझे लॉकडाउन में बिजली बिल 80,000 रुपये आया, जिसमें से 40,000 रुपये थोड़ा थोड़ा कर भर दिया. लेकिन फिर भी मेरा मीटर काट दिया गया, इसलिए मैं महावितरण अधिकारी के पास गया। मैं बिल भरना चाहता हु लेकिन जो ब्याज दर है उसमें छूट दी जाए लेकिन अधिकारी ने साफ मना कर दिया कहा कि क्षमा करें, इसमे मैं कुछ नहीं कर सकता। आपको सभी बिल का भुगतान करना होगा. मुझे लॉकडाउन से ज्यादा कमाई नहीं है। मैं रिक्शा चलाता हूं और ग्रिल का काम करता हूं। आज मैं बिल भर रहा हूं लेकिन अपनी पत्नी के गहने गिरवी रख कर. मेरी अब एक ही इच्छा है कि 2016-17 की नव प्रकाश योजना सरकार द्वारा शुरू की जाए जिससे दूसरों को लाभ हो.
इस बारे में विधायक राजू पाटिल ने कहा कि सरकार को ऐसी योजना बनानी चाहिए, साधारण परिवारों को न्यूनतम ब्याज में छूट दी जानी चाहिए. बड़े उद्योगपतियों के करोड़ों रुपये माफ कर दिए जाते हैं. फिर अब कोरोना काल में सामान्य लोगो को सहूलियत देने क्या मुश्किल है. हम मांग करते हैं कम से कम घरेलू बिजली वाले उपभोक्ता के बिल माफ कर दिया जाना चाहिए और आम जनता को राहत दी जानी चाहिए, इसके लिए मैं पत्र व्यवहार भी करूंगा.

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