पालघर:बहू ने बेटा बनकर सास का किया अंतिम संस्कार,जिसने देखा उसकी आंखे हुई नम,लॉकडाउन के चलते नहीं पहुंच सके रिश्तेदार

by | Apr 22, 2021 | देश/विदेश, पालघर, महाराष्ट्र, मुंबई

हेडलाइंस18
कोरोना की क्रूरता की इंतहा हो गई है। लॉकडाउन की वजह से जिंदगी ठहर गयी है। ऐसे में कुछ लोग परलोक सिधार गए। कई घरों में ऐसा हुआ आवागमन की सुविधा न होने से पुरुष बाहर से घर नहीं आ पाये। अंतिम संस्कार तो जरूरी था। ऐसे में घर की महिलाओं ने पंरपराओं को तोडऩे की पहल की। कहीं बेटी ने पिता को कांधा दिया, कहीं मां ने बेटे का अंतिम संस्कार किया तो कहीं बहू और पत्नी ने मुखाग्नि दी। पालघर के मनोर इलाके में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां एक वृद्धा की मौत के बाद जब उनके रिश्तेदार नही पहुँच सके तो ऐसी विषम परिस्थितियों में सामाजिक रूढ़ियों को दरकिनार करते हुए बहू ने ही ग्रामीणों की मदद से सास की अर्थी को कन्धा दिया।
बहु ने बेटा बनकर वर्षो पुरानी प्रथा को तोड़कर अपने सांस को दी मुखाग्नि
मनोर के दहिसर इलाके में रहने वाली ताराबाई गोडांबे जिनकी उम्र करीब 100 वर्ष थी की मौत हो गई। उनके बेटे नंदकुमार गोडांबे की 20 वर्ष पहले ही मौत हो चुकी थी। ऐसे में उनकी बहु नीता गोडांबे अपने रिश्तदारो को ताराबाई की मौत की सूचना दी। जो ठाणे जिले के शाहपुर तालुका में रहते थे। लेकिन कोरोना के कारण लगाए गए कड़े प्रतिबंध की वजह से वह नही आ सके।परिवार का कोई पुरुष सदस्य मौजूद ना होने के चलते लोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि चिता को आग कौन देगा।

जिसके बाद नीता ने खुद सास का अंतिम संस्कार करने का फैसला किया। और खुद ही सास की चिता को अग्नि दी और अंतिम संस्कार की रस्मों को निभाया। भले ही लॉकडाउन के चलते ताराबाई को मौत के बाद रिश्तेदारो का कंधा नहीं नसीब हुआ लेकिन बहू ने जिस हिम्मत से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया उसे देखकर लोगों की आंखें भी भर आईं साथ ही उसकी हिम्मत की भी सभी दाद दे रहे हैं।

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