सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने लोकसभा में उठाये विभिन्न मुद्दे

by | Mar 18, 2021 | कल्याण, ठाणे, महाराष्ट्र

मिथिलेश गुप्ता
डोंबिवली : महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए कड़े उपाय किये और कम से कम समय जंबो वैद्यकीय सुविधाए उपलब्ध कराई इसलिए राज्य सरकार की प्रशंसा जागतिक आरोग्य यंत्रणा व वॉशिंगटन पोस्ट ने किया. परंतु केंद्र सरकार के द्वारा सौतेला व्यवहार किया गया हैं ऐसा आरोप सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने किया है । लोकसभा अधिवेशन के दौरान केंद्रीय आरोग्य और कुटुंब कल्याण मंत्रालय के वर्ष 2021-22 के लिए अनुदान की मांग के लिए आयोजित चर्चा में भाग लेकर सांसद डॉ शिंदे ने विभिन्न मुद्दों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि केंद्र ने महाराष्ट्र राज्य सरकार के साथ सौतेला व्यवहार किया है ।
सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने विभिन्न मुद्दों को उठाया…
● महाराष्ट्र राज्य सरकार ने कोरोना इस जागतिक महामारी से लड़ाई में टेस्टिंग पर जोर दिया और ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग किया । कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग बढ़ाया, कम से कम समय मे जंबो वैद्यकीय सुविधा उपलब्ध कराई जिससे बड़ी संख्या में नागरिकों का इलाज हुआ जिसकी प्रशंसा जागतिक आरोग्य यंत्रणा व वॉशिंगटन पोस्ट ने राज्य सरकार की पीठ थपथपाई ।
● महाराष्ट्र का रिकव्हरी रेट 91 प्रतिशत से ज्यादा है, अब तक 1 करोड़ टेस्ट किया है । टीकाकरण मुहिम अंतर्गत राज्य में 33 प्रतिशत से अधिक नागरिकों को वैक्सीन का टीका लगाया गया जो उत्तर प्रदेश, गुजरात जैसे राज्यो से काफी ज्यादा है ।
● केंद्रीय आरोग्य बजट में 137 प्रतिशत बढ़ोतरी न करते हुए बल्कि रु. 6000 से कम करते हुए 71000 करोड़ किया है ।
● चर्चा के दौरान, महाराष्ट्र राज्य सरकार ने टीकाकरण के संबंध में केंद्र से मांगों पर ध्यान आकर्षित किया। स्वास्थ्य राज्य मंत्री राजेश टोपे के द्वारा केंद्र सरकार से 2.20 करोड़ वैक्सीन की खुराक की मांग की है, जिसका उपयोग राज्य में प्रतिदिन लगभग 5 लाख लोगों को राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए किया जा सकता है। हालांकि, केंद्र ने अब तक महाराष्ट्र सरकार को 69 लाख खुराक दी है और राज्य को अभी भी 2.84 करोड़ खुराक की जरूरत है और इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए, ऐसा सांसद डॉ शिंदे ने कहा।
● जबकि महाराष्ट्र सरकार ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से राज्य में 376 कोरोना टीकाकरण केंद्र शुरू करने का अनुरोध किया है, जबकि केंद्र सरकार द्वारा 209 टीकाकरण केंद्रों को मंजूरी दी गई हैं और शेष 158 टीकाकरण केंद्रों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा टीकाकरण में तेजी लाने के लिए मंजूरी दी जानी चाहिए। बढ़ते कोरोना संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए राज्य में टीकाकरण अभियान में तेजी लाने की जरूरत है ।
● केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जहां 1.20 लाख करोड़ रुपये के बजट की मांग की है, वहीं 50,000 करोड़ रुपये से बहुत कम राशि मंजूर की गई है, जो कि देश की जीडीपी का केवल 1.8 प्रतिशत है जो पड़ोसी छोटे देशों जैसे श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से कम है । यह अनुपात अपेक्षाकृत कम है। देश को महाशक्ति बनाने के लिए देश के स्वास्थ्य सशक्तिकरण को अधिक प्राथमिकता देना आवश्यक हैं ऐसा अपना विचार व्यक्त किया ।

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