अगर मुकदमा रजामंदी से निपटाया तो कोर्ट फीस वापस मिलेगी :सुप्रीम कोर्ट

by | Feb 20, 2021 | देश/विदेश

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि जो पक्ष निजी तौर पर सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा-89 के तहत आने वाले मुकदमे आपसी समझौते से निपटाते हैं, तो उन्हें मुकदमे की पूरी फीस वापस मिलेगी। शीर्ष अदालत के इस फैसले से वादी आपसी समझ से दीवानी मुकदमे निपटाने के लिए प्रेरित होंगे। इस मामले में मद्रास उच्च न्यायालय के प्रशासनिक पक्ष के फैसले को चुनौती देने हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसमें कहा गया था सीपीसी की धारा- 89, तमिलनाडु न्यायालय शुल्क की धारा-69ए और वाद मूल्यांकन अधिनियम- 1955 में पक्षकारों के बीच अदालती विवाद निपटारे के तरीके शामिल होंगे। ये सभी तरीके बाद में अदालत के पास कानूनी रूप से आ गए हैं।1955 अधिनियम की धारा 69ए और सीपीसी की धारा-89 के तहत विवादों के निपटान पर धनवापसी से संबंधित है। इसके अनुसार जहां न्यायालय पक्ष को सीपीसी की धारा- 89 में उल्लिखित विवाद के निपटान के किसी भी तरीके के लिए किसी पक्ष को रेफर करता है तो भुगतान किया गया शुल्क वापस कर दिया जाएगा। इसके लिए विवाद निपटान का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है।

यह न्यूज जरूर पढे